JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का रांची विधानसभा घेराव, बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े छात्र; पुलिस ने किया लाठीचार्ज, वॉटर कैनन भी छोड़ा
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत धारा 163 लागू की गई है। सुरक्षा को देखते हुए रांची के ज्यादातर स्कूल भी सोमवार को बंद रखे गए हैं।

JPSC-JSSC: रांची। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। रविवार को सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद सोमवार को अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेराव मार्च निकाला। प्रदर्शन को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
विधानसभा के 750 मीटर दायरे में धारा 163 लागू
प्रदर्शनकारियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की गई है। जगन्नाथ मंदिर के पास विधानसभा जाने वाले रास्ते पर रेजर फेंसिंग लगाई गई है। विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत धारा 163 लागू की गई है। सुरक्षा को देखते हुए रांची के ज्यादातर स्कूल भी सोमवार को बंद रखे गए हैं।
सरकार बोली- 98% मांगें मानीं, छात्रों ने किया इनकार
रविवार की बैठक में सरकार ने दावा किया कि छात्रों की करीब 98% मांगें मान ली गई हैं। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने इस दावे को खारिज कर दिया। छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की जांच जैसी उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक ठोस फैसला नहीं हुआ है।
भूख हड़ताल के बावजूद मार्च में पहुंचे देवेंद्र महतो
JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो नौ दिन से भूख हड़ताल पर हैं। कमजोरी के बावजूद वह छात्रों के मार्च में शामिल हुए। चलने में परेशानी होने पर छात्रों ने उन्हें कंधों पर उठाया। महतो ने तिरंगा लहराकर आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक का दर्द उनकी शारीरिक तकलीफ से बड़ा है।
वॉटर कैनन के बीच प्रदर्शन तेज
मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। एक छात्र बैरिकेड पर चढ़कर डांस करता भी नजर आया। वहीं, एक प्रदर्शनकारी स्पाइडरमैन का मास्क पहनकर पहुंचा और सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया। विधानसभा परिसर में डटे प्रदर्शनकारी पर पहली बार पुलिस ने लाठीचार्ज किया।


