Jharkhand Crime : दून एक्सप्रेस की महिला बोगी से 120 जिंदा कछुए बरामद, 6 लावारिस बैगों में छिपाकर ले जा रहे थे तस्कर
धनबाद स्टेशन पर आरपीएफ की कार्रवाई, जूट के बोरों में 20-20 कछुए भरकर ले जाए जा रहे थे; सभी कछुओं को वन विभाग के हवाले किया गया।

Jharkhand Crime : धनबाद। वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए धनबाद रेल मंडल में आरपीएफ ने बड़ी सफलता हासिल की है। दून एक्सप्रेस की महिला बोगी से 120 जिंदा कछुए बरामद किए गए हैं। इन्हें छह लावारिस बैगों में जूट के बोरों के भीतर छिपाकर ले जाया जा रहा था।
आरपीएफ की टास्क टीम 28-29 अगस्त की दरम्यानी रात ट्रेन संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश-कोलकाता दून एक्सप्रेस में गश्त कर रही थी। करीब 12:30 बजे ट्रेन के पिछले हिस्से की महिला बोगी में जांच के दौरान जवानों को कई बैग और बोरे लावारिस हालत में मिले।
टीम ने बोगी में मौजूद यात्रियों से बैगों के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी सामान पर अपना दावा नहीं किया। बैगों की जांच करने पर अंदर जीवित कछुए होने का संदेह हुआ। इसके बाद धनबाद स्टेशन पहुंचने पर सभी बैगों को प्लेटफॉर्म नंबर दो पर उतारा गया।
छह बैगों में मिले 20-20 कछुए
गवाहों की मौजूदगी में बैग खोले गए तो जूट के बोरों में 20-20 कछुए रखे मिले। छह बैगों से कुल 120 जीवित इंडियन फ्लैपशेल कछुए बरामद किए गए। बरामद कछुओं को आरपीएफ ने सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और आवश्यक जब्ती प्रक्रिया पूरी की। बाद में कछुओं को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया। वन विभाग की निगरानी में इन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
बैगों पर किसी ने नहीं जताया दावा
पूछताछ के दौरान किसी यात्री ने इन बैगों को अपना नहीं बताया। ऐसे में आरपीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में कछुओं को ट्रेन के जरिए कहां ले जाया जा रहा था और तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है। आरपीएफ यात्रियों से पूछताछ और उपलब्ध सुरागों के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।


