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Israel Iran War: इजराइली वायुसेना का ईरानी ठिकानों पर बड़ा हमला, तेहरान में तेल डिपो समेत 150 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक

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Israel Iran War: इजराइली वायुसेना का ईरानी ठिकानों पर बड़ा हमला, तेहरान में तेल डिपो समेत 150 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक
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Israel Iran War: तेहरान/तेल अवीव: पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। इजराइल द्वारा शनिवार देर रात किए गए भारी हवाई हमले के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही परमाणु शांति वार्ता को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका इस हमले में इजराइल को परोक्ष समर्थन दे रहा है।

इजराइल ने दावा किया कि उसके सैन्य बलों ने ईरान के रक्षा मंत्रालय, ऑयल डिपो और गैस रिफाइनरी समेत कुल 150 से अधिक ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। इन हमलों में 138 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 9 परमाणु वैज्ञानिक और 20 से ज्यादा सैन्य कमांडर शामिल हैं। हमले में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के एयरोस्पेस कमांडर जनरल आमिर अली हाजीजादेह भी मारे गए।

तेहरान सहित 7 राज्यों में एयर डिफेंस एक्टिव

ईरान ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजधानी तेहरान समेत सात राज्यों में एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजराइल के यरुशलम और तेल अवीव पर 150 से अधिक मिसाइलें दागीं, जिनमें 5 इजराइली नागरिकों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हुए हैं। ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने इजराइल के तीन F-35 लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

परमाणु वार्ता पर लगा विराम

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यह हमला सिर्फ इजराइल की नहीं, बल्कि अमेरिका की मिलीभगत का नतीजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक परमाणु वार्ता के लिए कोई मंच नहीं बचेगा। 15 जून को ओमान में होने वाली परमाणु वार्ता को लेकर ईरान आश्वस्त था कि उससे पहले कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन इजराइल ने उसके इस भरोसे को तोड़ते हुए अचानक हमला कर दिया। सुरक्षा चूक को लेकर अब ईरान में भी आंतरिक आलोचना तेज हो गई है।

अमेरिका ने आरोपों से किया इनकार

इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस हमले में शामिल नहीं है और मध्य-पूर्व में शांति बनाए रखने के प्रयासों के पक्ष में है। हालांकि ईरान का दावा है कि इजराइली कार्रवाई को अमेरिका का रणनीतिक समर्थन प्राप्त था।


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