Captain Smit Machchhar First Video: फ्लाईदुबई हमले के बाद कैप्टन स्मित मच्छार का पहला वीडियो आया सामने, स्ट्रेचर पर दिखे घायल पायलट, जानें कैसी है हालत
Captain Smit Machchhar First Video: फ्लाईदुबई FZ1073 हमले के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार का पहला वीडियो आया सामने। स्ट्रेचर पर लेटे दिखे घायल कैप्टन की हालत तबूक अस्पताल में स्थिर है।

Captain Smit Machchhar First Video : दुबई/तबूक। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले के बाद घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का पहला वीडियो सामने आया है। वीडियो में कैप्टन स्मित स्ट्रेचर पर लेटे हुए नजर आ रहे हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाते समय मेडिकल स्टाफ बेहद सावधानी से ले जाता दिख रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनके कंधे, सीने, हाथ और पेट पर चोट के गंभीर निशान हैं और कंधे पर बड़ी पट्टी बंधी हुई है।
फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज सऊदी अरब के तबूक स्थित एक अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अब स्थिर है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारी लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।
Captain Smit Machchhar First Video: कॉकपिट में हुआ था खौफनाक हमला
घटना बुधवार की है, जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से इजराइल के तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। बीच हवा में उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर अचानक अफरा-तफरी मच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमान निवासी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की।
कैप्टन की सूझबूझ से बची 174 जिंदगियां
लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोल दिया, जिससे बाहर मौजूद केबिन क्रू और यात्रियों को तुरंत अंदर घुसकर हमलावर को-पायलट को काबू में करने का मौका मिल गया।
इसके बाद विमान में सवार दो अन्य अतिरिक्त (रिलीज) पायलटों ने तुरंत कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और प्लेन को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया। विमान में सवार सभी 174 यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं।
दुनिया भर में हो रही बहादुरी की तारीफ
कैप्टन स्मित मच्छार की इस सूझबूझ और साहस की तारीफ भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनके इस ऐतिहासिक साहस की सराहना की है।


