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International Mrs. Classic Globe 2025 : शारदा नारायणन ने जीता अंतरराष्ट्रीय मिसेज़ क्लासिक ग्लोब 2025 ‘जनता की पसंद’ पुरस्कार, भारत का गौरव बढ़ाया

शारदा इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जिन्हें उनकी प्रेरक कहानी, सच्चाई और सामाजिक कार्यों के लिए सराहा गया।

International Mrs. Classic Globe 2025 : शारदा नारायणन ने जीता अंतरराष्ट्रीय मिसेज़ क्लासिक ग्लोब 2025 ‘जनता की पसंद’ पुरस्कार, भारत का गौरव बढ़ाया
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International Mrs. Classic Globe 2025 : बैंगलोर। भारतीय फैशन बिज़नेसवुमन और समाजसेवी शारदा नारायणन ने अंतरराष्ट्रीय मिसेज़ क्लासिक ग्लोब® 2025 में ‘जनता की पसंद’ (चॉइस ऑफ़ द पीपल) पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 21 जून को कैलिफ़ोर्निया के पाम स्प्रिंग्स में वेस्टिन रैंचो मिराज गोल्फ़ रिज़ॉर्ट और स्पा में आयोजित समारोह में विश्व भर के लोगों के मतदान के आधार पर प्रदान किया गया। शारदा इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जिन्हें उनकी प्रेरक कहानी, सच्चाई और सामाजिक कार्यों के लिए सराहा गया।

प्रेरणा और उद्देश्य की जीत-

मिसेज़ क्लासीक ग्लोब प्रतियोगिता में ‘जनता की पसंद’ पुरस्कार उस प्रतिभागी को दिया जाता है, जिसकी कहानी, विचार और मकसद से लोग सबसे अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं। शारदा की सादगी, आत्मविश्वास और सामाजिक बदलाव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें दुनियाभर के दर्शकों का प्रिय बना दिया। उन्होंने कहा, “यह ताज सिर्फ़ एक सजावट नहीं, बल्कि मेहनत, उद्देश्य और अपनी यात्रा को अपनाने का प्रतीक है। यह हर उस महिला की जीत है, जो अपनी आवाज़ बुलंद करती है और बदलाव लाती है।”

पारिवारिक मूल्यों के लिए भी सम्मान-

शारदा को प्रतियोगिता के प्रारंभिक चरण में ‘पारिवारिक मूल्य पुरस्कार’ (फ़ैमिली वैल्यूज़ अवॉर्ड) से भी नवाज़ा गया। यह सम्मान उन्हें परिवार, ईमानदारी और ज़िम्मेदारी के प्रति उनकी निष्ठा के लिए मिला। शारदा ने कहा, “पारिवारिक मूल्यों के लिए सम्मानित होना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। चाहे मैं माँ हूँ, व्यवसायी या मार्गदर्शक, मेरी कोशिश हमेशा ताकत, दया और ईमानदारी की नींव तैयार करने की रही है।”

एक प्रेरक व्यक्तित्व-

शारदा नारायणन एक आर्मी अफसर की पत्नी, दो बच्चों की माँ और एक सफल उद्यमी हैं। पहले एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाली शारदा ने अपने फैशन ब्रांड ‘मेटामॉर्फाेसिस’ के माध्यम से रचनात्मकता को सामाजिक प्रभाव के साथ जोड़ा। इसके अलावा, उनकी सामाजिक संस्था ‘वीर्या ट्रस्ट’ ज़रूरतमंद महिलाओं को प्रशिक्षण और रोज़गार के अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाती है। उनकी यह कोशिश महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सामाजिक बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति की झलक-

30 से अधिक देशों की महिलाओं के बीच आयोजित इस वैश्विक प्रतियोगिता में शारदा अपनी गरिमा, सांस्कृतिक जुड़ाव और समाज के प्रति समर्पण के कारण सबसे अलग रहीं। उन्होंने कहा, “दुनियाभर के लोगों द्वारा मेरे उद्देश्य में विश्वास जताना बहुत बड़ा सम्मान है। यह जीत हर उस महिला को प्रेरित करेगी, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए नए सिरे से शुरुआत करना चाहती है।”

प्रेरणा का स्रोत और भविष्य की योजनाएँ-

मिसेज़ इंडिया ग्लोब 2017 की राष्ट्रीय निदेशक वीना जैन ने शारदा की तारीफ करते हुए कहा, “शारदा में प्रेरणा देने वाले सभी गुण हैंकृसंयम, आत्मविश्वास और सामाजिक जुड़ाव। यही कारण है कि लोग उन्हें जनता की पसंद मानते हैं।” शारदा भविष्य में अपने मंच का उपयोग महिलाओं को प्रेरित करने और उन्हें उद्यमिता, स्वास्थ्य और सामाजिक नेतृत्व में अवसर प्रदान करने के लिए करेंगी। उनका सपना है कि एक ऐसी दुनिया बने, जहाँ सुंदरता भीतर से झलके और महिलाएँ निडर होकर नेतृत्व करें।


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