Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर

Indian Army: चीन पाकिस्तान बार्डर में तैनात रहेंगे 'भैरव' कमांडो, पलक झपकते ही दुश्मन का काम तमाम

प्रत्येक बटालियन में 250 विशेष रूप से प्रशिक्षित और सुसज्जित सैनिक होंगे।

Indian Army: चीन पाकिस्तान बार्डर में तैनात रहेंगे भैरव कमांडो, पलक झपकते ही दुश्मन का काम तमाम
X

Indian Army: नई दिल्ली। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर त्वरित और प्रभावी हमले की क्षमता को बढ़ाने के लिए पांच 'भैरव' लाइट कमांडो बटालियनों की स्थापना शुरू कर दी है। प्रत्येक बटालियन में 250 विशेष रूप से प्रशिक्षित और सुसज्जित सैनिक होंगे।

सूत्रों के अनुसार, सेना का लक्ष्य 31 अक्टूबर तक पहली पांच यूनिट्स को तैयार करना है, हालांकि इसमें थोड़ा और समय लग सकता है। सेना की दीर्घकालिक योजना मौजूदा सैनिकों से चरणबद्ध तरीके से कुल 23 "फुर्तीली और घातक" भैरव बटालियनों को तैयार करने की है, ताकि नियमित पैदल सेना और विशेष बलों (पैरा-स्पेशल फोर्सेस) के बीच की खाई को पाटा जा सके।

बता दें कि, 26 जुलाई को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 'रुद्र' सर्व-हथियार ब्रिगेड, 'शक्तिबाण' तोपखाना रेजिमेंट, विशेष 'दिव्यास्त्र' निगरानी और लॉइटरिंग म्युनिशन बैटरी, और भैरव बटालियनों की स्थापना की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि सभी पैदल सेना बटालियनों में अब समर्पित ड्रोन प्लाटून होंगे।

पांच भैरव यूनिट्स का गठन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहली पांच भैरव यूनिट्स में से तीन उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के तहत स्थापित की जा रही हैं। इनमें लेह के 14 कोर, श्रीनगर के 15 कोर और नगरोटा के 16 कोर के लिए एक-एक यूनिट शामिल है। चौथी यूनिट पश्चिमी क्षेत्र के रेगिस्तानी इलाके में और पांचवीं यूनिट पूर्वी क्षेत्र के पहाड़ी इलाके में तैयार की जा रही है। 11.5 लाख सैनिकों वाली भारतीय सेना इन भैरव कमांडो को अपनी 415 नियमित पैदल सेना बटालियनों (प्रत्येक में 800 सैनिक) से "बचत और गठन" अवधारणा के तहत चुन रही है, जिसमें नए सैनिकों की भर्ती शामिल नहीं है।

उन्नत हथियारों और तकनीक से लैस होगी भैरव यूनिट्स

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भैरव यूनिट्स नियमित पैदल सेना बटालियनों की तुलना में छोटी, अधिक फुर्तीली और प्रभावी होंगी। इन्हें नवीनतम हथियारों, उपकरणों और ड्रोनों से लैस किया जाएगा। ये यूनिट्स स्पीड, लचीलापन और उच्च प्रभाव वाली सामरिक कार्रवाइयों के लिए तैयार होंगी। ये बटालियनों सेना की मौजूदा 10 पैरा-स्पेशल फोर्सेस और पांच पैरा (एयरबोर्न) बटालियनों के अतिरिक्त होंगी, जिनमें प्रत्येक में 620 सैनिक होते हैं, जो कठिन प्रशिक्षण के बाद चुने जाते हैं और विशेष हथियारों व उपकरणों से सुसज्जित होते हैं।

विशेष बलों पर बोझ कम करने की रणनीति

विशेष बलों को उच्च जोखिम वाले गुप्त मिशनों, खासकर दुश्मन की सीमा के पीछे संचालन के लिए तैयार किया जाता है, लेकिन अक्सर उन्हें सामान्य सामरिक कार्रवाइयों में भी तैनात किया जाता है। एक सूत्र ने कहा, "प्रत्येक भैरव बटालियन में सात-आठ अधिकारी होंगे। ये यूनिट्स विशेष बलों को राहत देने के लिए बनाई जा रही हैं, ताकि विशेष बल अपने अधिक महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।" भैरव कमांडो अपने संबंधित रेजिमेंटल केंद्रों में दो-तीन महीने का विशेष प्रशिक्षण लेंगे और फिर अपने थिएटर में विशेष बलों की इकाइयों के साथ एक महीने की एडवांस ट्रेनिंग के लिए अटैच किए जाएंगे।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire