Ganesh Chaturthi Bhog : गणपति बप्पा को 10 दिनों तक लगाएं ये खास भोग, जानें कौन से दिन क्या चढ़ाएं
गणेश उत्सव के दौरान हर दिन अलग-अलग तरह के प्रसाद अर्पित करने की परंपरा है। अगर आप भी 10 दिनों तक बप्पा को अलग-अलग भोग लगाना चाहते हैं तो दिन के अनुसार ये प्रसाद चढ़ा सकते हैं।

नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का पावन पर्व शुरू हो चुका है। 10 दिनों तक चलने वाले इस गणेश उत्सव में भक्त भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करते हैं और उन्हें उनकी पसंदीदा चीजों का भोग अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणपति बप्पा को श्रद्धा और भक्ति से भोग लगाने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
गणेश उत्सव के दौरान हर दिन अलग-अलग तरह के प्रसाद अर्पित करने की परंपरा है। अगर आप भी 10 दिनों तक बप्पा को अलग-अलग भोग लगाना चाहते हैं तो दिन के अनुसार ये प्रसाद चढ़ा सकते हैं।
पहला दिन: मोदक का लगाएं भोग
गणेश चतुर्थी के पहले दिन भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मोदक गणपति बप्पा का सबसे प्रिय प्रसाद है। इसलिए स्थापना के दिन मोदक अर्पित करने की विशेष परंपरा है।
दूसरा दिन: मोतीचूर के लड्डू
गणेश उत्सव के दूसरे दिन बप्पा को मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाया जा सकता है। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार और भक्तों में बांटा जाता है।
तीसरा दिन: बेसन के लड्डू
तीसरे दिन भगवान गणेश को बेसन के लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है। घर में बने हुए लड्डू से गणपति की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है।
चौथा दिन: फल और केले का भोग
चौथे दिन गणपति बप्पा को केले और अन्य फलों का भोग लगाया जा सकता है। पूजा में फल अर्पित करने की परंपरा भी काफी पुरानी है।
पांचवां दिन: मखाने की खीर
गणेश उत्सव के पांचवें दिन दूध और मखाने से बनी खीर का भोग लगाया जा सकता है। इसे भगवान गणेश को अर्पित करने के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
छठा दिन: नारियल का प्रसाद
छठे दिन भगवान गणेश को नारियल चढ़ाने की मान्यता है। हिंदू पूजा परंपरा में नारियल को शुभ और मंगलकारी माना जाता है।
सातवां दिन: मेवे के लड्डू या गुड़
सातवें दिन गणपति बप्पा को मेवे के लड्डू या गुड़ का भोग लगाया जा सकता है। श्रद्धा और सुविधा के अनुसार भक्त इनमें से कोई भी प्रसाद अर्पित कर सकते हैं।
आठवां दिन: कलाकंद या मावे की मिठाई
आठवें दिन दूध से बनी मिठाइयां जैसे कलाकंद या मावे के लड्डू भगवान गणेश को चढ़ाए जा सकते हैं। इसे पूजा में विशेष प्रसाद माना जाता है।
नौवां दिन: श्रीखंड या मालपुआ
नौवें दिन बप्पा को केसर श्रीखंड या मालपुआ का भोग लगाने की परंपरा है। भक्त अपनी सुविधा के अनुसार घर पर तैयार प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं।
दसवां दिन: छप्पन भोग या विशेष मोदक
अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन से पहले भगवान गणेश को विशेष भोग लगाया जाता है। इस दिन अलग-अलग प्रकार के मोदक या छप्पन भोग अर्पित करने की परंपरा है।
गणपति को भोग लगाते समय करें इस मंत्र का जाप
भगवान गणेश को नैवेद्य अर्पित करते समय श्रद्धा के साथ मंत्र जाप करने की मान्यता है। भक्त इस दौरान इस मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं—
"ॐ प्राणाय स्वाहा, ॐ अपानाय स्वाहा, ॐ समानाय स्वाहा, ॐ उदानाय स्वाहा, ॐ व्यानाय स्वाहा, ॐ अमृता नमः स्वाहा।"


