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IRAN CLOSES HORMUZ: युद्धविराम के कुछ घंटों बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर बंद, लेबनान पर इजरायली हमले से भड़का ईरान, क्या खत्म हो गया सीजफायर

समझौते की प्रमुख शर्तों का पालन नहीं किया जाता, तब तक दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा।

IRAN CLOSES HORMUZ: युद्धविराम के कुछ घंटों बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर बंद, लेबनान पर इजरायली हमले से भड़का ईरान, क्या खत्म हो गया सीजफायर
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IRAN CLOSES HORMUZ: तेहरान/वॉशिंगटन/यरुशलम। अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम एवं शांति समझौते के कुछ ही घंटों बाद पश्चिम एशिया में तनाव फिर गहरा गया है। ईरान ने इजरायल पर लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रखकर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। इसी के साथ तेहरान ने संकेत दिया है कि जब तक समझौते की प्रमुख शर्तों का पालन नहीं किया जाता, तब तक दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा।

शर्तें पूरी होने तक बंद रहेगा होर्मुज: IRGC

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने बयान में कहा कि लेबनान से इजरायली सेना की वापसी, नौसैनिक नाकेबंदी की समाप्ति और फारस की खाड़ी से अमेरिकी सैन्य उपस्थिति हटाना समझौते की प्रमुख शर्तों में शामिल हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक इन बिंदुओं पर अमल नहीं होता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला नहीं जाएगा।

बुधवार को हुआ था अमेरिका-ईरान समझौता

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्धविराम और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते को लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा था। हालांकि समझौते के तुरंत बाद ही दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल समझौते की भावना और शर्तों का सम्मान नहीं कर रहे हैं। तेहरान के अनुसार, अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और इजरायल की कार्रवाई समझौते के विपरीत है।

लेबनान छोड़ने को तैयार नहीं इजरायल

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार दक्षिणी लेबनान से पीछे हटने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में एक सुरक्षा जोन बनाए रखना आवश्यक है। नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायली सेना ने सीमा से लगभग 10 किलोमीटर भीतर तक नियंत्रण स्थापित कर लिया है और जब तक सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं पूरी नहीं हो जातीं, सेना वहां बनी रहेगी।

नबातियेह में हमले, कई लोगों की मौत

बता दें कि समझौते के अगले ही दिन लेबनान के नबातियेह जिले में हुए इजरायली हमलों में 18 लोगों की मौत और 33 अन्य के घायल होने की खबर है। वहीं इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष में उसके चार सैनिक भी मारे गए हैं।

इजरायल का दावा है कि उसने हिजबुल्लाह से जुड़े लगभग 80 ठिकानों को निशाना बनाया और 10 से अधिक लड़ाकों को मार गिराया। दूसरी ओर मध्यस्थतों का मानना है कि लगातार जारी सैन्य कार्रवाई शांति प्रयासों को कमजोर कर सकती है। लेबनान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच भी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।


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