Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर

Holika Dahan 2025 : इन खास उपायों से मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न, घर में बनेगी धन-समृद्धि, आइए जानें उपाय...

यह त्योहार नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मकता को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

Holika Dahan 2025 : इन खास उपायों से मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न, घर में बनेगी धन-समृद्धि, आइए जानें उपाय...
X

Holika Dahan 2025 : डेस्क न्यूज। होलिका दहन हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन होलिका दहन के बाद कुछ खास उपाय करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में धन-समृद्धि का आगमन होता है। तो आइए जानते हैं होलिका दहन के बाद कौन से उपाय करने चाहिए।

Holika Dahan 2025 : होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद को बचाने के लिए होलिका का दहन किया गया था। यह त्योहार नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मकता को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

Holika Dahan 2025 : होलिका दहन का शुभ मुहूर्त-
होलिका पूजन का समय सुबह 10.36 बजे से 1.30 बजे तक
राहुकाल दोपहर 1.30 बजे से 3.00 बजे तक (इस दौरान पूजा करना वर्जित है)
होलिका दहन का शुभ समय रात 11.28 बजे से 12.06 बजे तक

Holika Dahan 2025 : होलिका दहन के बाद करें ये खास उपाय-
पैर धोकर घर में प्रवेश करें-
होलिका दहन के बाद घर में प्रवेश करने से पहले अपने पैरों को अच्छी तरह धो लें। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर के बाहर ही रह जाएगी।
दीपक जलाएं- मिट्टी या पीतल के दीपक में सरसों का तेल और बाती डालकर इसे अपने मुख्य द्वार पर जलाएं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
गन्ना, जौ और गेहूं सेंकें- होलिका दहन के समय गन्ना, जौ और गेहूं की बालियों को अग्नि में सेंकना शुभ माना जाता है। इसे खाने से स्वास्थ्य लाभ होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
गोबर के उपले जलाएं- होलिका दहन के समय गोबर के उपले जलाना शुभ माना जाता है। इससे वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मकता दूर होती है।

Holika Dahan 2025 : भद्रा काल का ध्यान रखें-
इस साल होलिका दहन के दिन 13 मार्च को सुबह 10.36 बजे से रात 11.28 बजे तक भद्रा काल रहेगा। इस अवधि में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है। इसलिए, होलिका दहन का कार्यक्रम भद्रा काल के बाद ही करें।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire