चीतों को पानी पिलाना पड़ा महंगा, शेर बनने की कोशिश में चीता मित्र की गई नौकरी, देखें वीडियो...
- Rohit banchhor
- 06 Apr, 2025
यह मामला नियमों के उल्लंघन और वन्य जीव संरक्षण की संवेदनशीलता को लेकर चर्चा में है।
MP News : मुरैना। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक हैरान करने वाली घटना ने सुर्खियां बटोर ली हैं। यहां चीतों को बेहद करीब से पानी पिलाकर अपनी बहादुरी दिखाने वाले चीता मित्र सत्यनारायण गुर्जर की नौकरी पर बन आई। वन विभाग ने वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से हटा दिया। यह मामला नियमों के उल्लंघन और वन्य जीव संरक्षण की संवेदनशीलता को लेकर चर्चा में है।
MP News : बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सत्यनारायण गुर्जर, जो वन विभाग में ड्राइवर और चीता मित्र के तौर पर कार्यरत थे, चीतों को COME COME कहकर बुलाते और पतीले में पानी पिलाते नजर आए। वीडियो में मादा चीता ज्वाला और उसके चार शावक उनके पास आकर पानी पीते दिखे। यह घटना उमरीकला गांव के पास की बताई जा रही है। शुरू में गुर्जर चीतों के करीब जाने से हिचकिचाए, लेकिन पीछे खड़े लोगों के उकसाने पर उन्होंने यह कदम उठाया। वीडियो के वायरल होते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया।
MP News : नियमों का उल्लंघन बना वजह-
वन विभाग के अधिकारियों ने साफ किया कि वन्य जीवों के साथ किसी भी तरह का सीधा संपर्क सख्त वर्जित है। भले ही गुर्जर का इरादा चीतों की प्यास बुझाना रहा हो, लेकिन यह कूनो नेशनल पार्क के संरक्षण नियमों के खिलाफ था। विभाग का कहना है कि चीतों जैसी संवेदनशील प्रजाति के साथ ऐसा इंटरेक्शन उनके व्यवहार और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। नतीजतन, गुर्जर को नौकरी से हटाने का फैसला लिया गया।
MP News : जांच तेज, और कार्रवाई के संकेत-
वन विभाग ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। वीडियो बनाने वाले और घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। कूनो नेशनल पार्क में अभी 17 चीते मौजूद हैं, जिनमें 11 शावक शामिल हैं, जबकि 9 बाड़ों में हैं। विदेश से लाए गए इन चीतों के संरक्षण के लिए सख्त नियम लागू हैं, और विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं चीतों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।

