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Gharghoda News: घरघोड़ा एसडीएम की शासन में बोलती है तूती, स्थातंरण के बाद भी जमे है कुर्सी पर, एसडीएम मोर के आगे नही चलती किसी की जो ? शासन का आदेश से अब तक रिलीव नहीं

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Gharghoda News: घरघोड़ा एसडीएम की शासन में बोलती है तूती, स्थातंरण के बाद भी जमे है कुर्सी पर, एसडीएम मोर के आगे नही चलती किसी की जो ? शासन का आदेश से अब तक रिलीव नहीं


आमजन में कौतुहल आखिर किसका मिल रहा संरक्षण?


Gharghoda News: गौरीशंकर गुप्ता/घरघोड़ा/ घरघोड़ा एसडीएम रमेश कुमार मोर का स्थानांतरण आदेश लगभग चार माह पूर्व छत्तीसगढ शासन समान्य प्रशासन मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर नया रायपुर के आदेश क्र. बी/1-1/2024/एक/4 दिनांक 27/02/2024 को खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिला किया गया था, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना था। 

Gharghoda News: फिर भी तात्कालिन कलेक्टर रायगढ़ द्वारा रिलीप नही करना प्रशासनिक ढ़ांचे पर प्रश्न चिह्न खड़ा करता है, क्या शासन पर हावी है प्रशासनिक तंत्र या सेटिंग जबरदस्त होने से किसी भी तरह के आदेश की धज्जियां उड़ाने में नौकरशाह परिपूर्ण है, सवाल यह भी खड़ा होता है यह आदेश सीधा मंत्रालय से सचिव कार्यालय से पारित हुआ है राज्य प्रशासनिक सेवा के अन्य अधिकारियों का तबादला किया गया था फिर घरघोड़ा एसडीएम की ऐसी क्या मजबूरी थी जिसको यहीं दोबारा बैठा दिया गया।

Gharghoda News: मामला संगीन इस लिए भी है कि एसडीएम मोर के उपर संरक्षण प्राप्त का आरोप लगता रहा है जैसे ही भाजपा सत्ता में वापिस आई भाजपा छोला लिए स्थानीय नेता जिनका धंधा ही है जुगाड़मेट का उनका नाम सामने आता रहा है? तो क्या भाजपा की विष्णुदेव सरकार ऐसे अधिकारियों का संरक्षण करने में लगी है जिन्हे स्थानीय जनता नकार रही है क्या फिर वही गलती साय सरकार में दोहराई जायेगी जिसके कारण सत्ता से बेदखल हुए थे।

Gharghoda News: घरघोड़ा तहसील को मलाईदार माना जाता है इससे पूर्व के एसडीएम का भी खुब दबदबा रहा जब जब स्थातंरण होता रूकवा लिया जाता था, बात नही बनी तो कोर्ट का सहारा तक लिया गया था, तहसीलदार से एसडीएम एक ही कार्यालय में पहली बार देखा गया कहा जाता है उद्योगों से लेकर एनटीपीसी जिंदल कंपनी का भरपूर सहयोग मिलता रहा इस कारण लगातार एसडीएम की कुर्सी में जमे रहे पानी सर से उपर बहने के कारण शासन प्रशासन को उस समय हटाए जाना उचित लगा।

Gharghoda News: वही हाल वर्तमान एसडीएम रमेश कुमार मोर का है ये भी घाट घाट का पानी पीकर आये हुए मंझे हुए खिलाड़ी है, तहसीलदारी का वर्षों तर्जऊबा के साथ एसडीएम की कुर्सी में जमें हुए है।

Gharghoda News: वर्तमान समय में घरघोड़ा तहसील कार्यालय की दशा व दिशा विपरीत है बिना पैसे का कोई कार्य नही होते यहां बाबू किसी अधिकारी से कम नही है आमजन से इनका व्यवहार शक्त कठोर होता है जैसे यह राजा और सब प्रजा नौकरशाह नौकरी ना कर तहसील कार्यालय को व्यापार वो यहां के मालिक की तरह रूढ़िय व्यवहार करने में तनिक पिछे नही हटते आदिवासी मुख्यमंत्री वाले राज्य में आदिवासी समुदाय के ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। पेशी और पैसा ही तहसील घरघोड़ा की फहचान बन गई है, एसडीएम साहब अपने ही मदमस्ती में सेवा के नाम पर मेवा गटकने में लगे है।

Gharghoda News: साहब का स्थानांतरण नही होने के कारण मनोबल पूरे साबब पर है इस कारण आमजन के कार्यों को दरकिनार कर सिर्फ उद्योग पूँजीपतियों का कार्य कार्यालय में किया जा रहा और यह सर्वविदित है राज्य सरकार के संज्ञान में भी यह जानकारी है कि राज्य के तहसील हो कलेक्ट्रेट कार्यालय इन जगह पर आमजन के कार्यों को सिर्फ फाइलों पर ही सिमट कर रख दिया जा रहा.


Gharghoda News:  इस कारण मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक बार बार बैठकों में आमजन की कार्यों को त्वरित करने के निर्देश दे रहे है, पर यह नौकरशाह खुद को खुदा समझ बैठे है कहां बाज आने वाले है ज़मीनी हकीकत जैसे था आज भी उसे ही लटका है, शासन जबतक शासक बनकर लगातार कार्रवाई नही करता आम जनता की सुध लेने वाला कोई नही होगा, वर्तमान सरकार व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जनता की उम्मीदे बंधी हुई है राज्प्रय के बेलगाम शासनिक तंत्र में कसावट लाने की क्योंकि विष्णुदेव साय स्वयं किसान पूत्र है गांव गरीब को करीब से जानते है से वनांचल सुधर ग्रामीण से होने के कारण आमजन की पीड़ा को समझते होगें।