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बीजेपी में वर्चस्व की लड़ाई : सांसद दर्शन सिंह चौधरी का नाम कार्ड में राज्य मंत्री पटेल से पहले लिखने पर स्कूल को भिजवाया मान्यता खत्म करने का नोटिस

बीजेपी में वर्चस्व की लड़ाई : सांसद दर्शन सिंह चौधरी का नाम कार्ड में राज्य मंत्री पटेल से पहले लिखने पर स्कूल को भिजवाया मान्यता खत्म करने का नोटिस
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भोपाल। मोहन सरकार के राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को अपनी ही पार्टी के होशंगाबाद सांसद दर्शन चौधरी को अधिक सम्मान मिलना इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने निजी स्कूल को डीईओ से मान्यता खत्म करने का नोटिस दिलवा दिया। मंत्री से स्कूल संचालक ने माफी मांगी, फिर भी नोटिस थमाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे भाजपा में गला-काट स्पर्धा का नतीजा बताया।

बोले- पार्टी में मान-सम्मान नहीं देखा जा रहा। निर्दोष शिकार हो रहे हैं। वहीं, डीईओ ने कहा-राज्यमंत्री के सहायक का फोन आया, तब नोटिस दिया। हमने जब नाम, नंबर पूछा तो कहा- मंत्री के ऑफिस में कई लोग हैं, नाम व नंबर याद नहीं। संभव है, मंत्री के नाम से किसी और ने फोन किया हो। जब पक्ष जानने मंत्री को कई कॉल व मैसेज किए पर जवाब नहीं मिला। सांसद का फोन सहयोगी ने उठाया, पर बात नहीं कराई।



डीईओ ने राज्यमंत्री के दबाव में गिनाए नियम
कारण बताओ नोटिस में डीईओ की ओर से प्रोटोकाल से जुड़े नियमों का विवरण दिया। कहा गया, राज्यपाल अनुमोदित माननीयों की श्रेणी एवं पद की सूची में राज्यमंत्री को 21 व सांसद को 24 नंबर पर स्थान दिया गया। फिर भी सांसद को पहले और राज्यमंत्री को बाद में स्थान दिया गया, जो लापरवाही है। दरअसल रायसेन जिले के देवरी (उदयपुरा) के अभिनव गरिमा विद्या निकेतन ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस समारोह रखा।

इसके कार्ड में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के नाम के पहले सांसद दर्शन चौधरी का नाम लिखा। मंत्री इससे नाराज हो गए। मंत्री का पारा तब और चढ़ गया जब ये कार्ड बंटे गए। मंत्री से जुड़े लोगों ने इसे अपमान बताया और मंत्री से शिकायत की। इसके बाद मंत्री की ओर से 12 सितंबर को रायसेन डीईओ डीडी रजक ने स्कूल को नोटिस थमाया, लिखा जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो मान्यता खत्म करेंगे।

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