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जिला प्रशासन के नियमों की अवहेलना कर रहे किसान, खुलेआम पराली जलाने से बढ़ रहा प्रदूषण

भोपाल। राजधानी के आसपास के किसानों द्वारा प्रतिबंध के बावजूद खुले में पराली जलाई जा रही है। शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की यह प्रमुख वजह मानी जा रही है। बावजूद प्रशासन एक भी किसान पर कार्रवाई नहीं कर सका है।
यह हाल तब है, जबकि डीएम कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तीन माह पहले ही पराली जलाने पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए थे। साथ ही इसकी मॉनिटरिंग के लिए सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया था। पराली जलाने वालों पर जुमनि की राशि 15 हजार रुपए कर दी थी। संभागायुक्त संजीव सिंह ने भी 22 अक्टूबर को बैठक में पराली जलाने पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए थे।
लगातार बढ़ा हुआ है एक्यूआई
दिवाली के बाद शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा हुआ दर्ज हो रहा है। शनिवार को एक्यूआई 200 से अधिक रहा, यानी हवा की गुणवत्ता खराब रही। बीते बुधवार को अरेरा कॉलोनी में एक्यूआई 400 तक पहुंच गया था।
यहां जलाई जा रही पराली, पर प्रशासन को खबर ही नहीं
कोलार सिक्सलेन पर बैरागढ में पराली जलाई जा रही थी। इसका धुआं आसपास के रहवासी इलाकों में फैल रहा था, जिससे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। बैरागढ़ चीचली के आगे से लेकर कजलीखेड़ा तक सड़क किनारे बड़े पैमाने पर किसानों के खेत हैं। धान की कटाई के बाद पिछले 15 दिन से लोगों को दिक्कत हो रही थी। इसी तरह विदिशा रोड, बैरसिया रोड़ लगातार पराली जलाई जा रही है। बीच राजधानी में बावडिया ब्रिज के पास खेतों में पराली जलाई गई, कटारा हिल्स के आगे के इलाकों में खेतों में किसानों द्वारा पराली जलाई जाती हैं।
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