Tamil Singer Krishnaraj Death: मशहूर प्लेबैक सिंगर कृष्णराज का 75 साल की उम्र में निधन, तमिल संगीत जगत में शोक
तमिल फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर प्लेबैक सिंगर कृष्णराज रामासामी का 75 साल की उम्र में चेन्नई में निधन हो गया। संगीतकार देवा के साथ उन्होंने कई यादगार गीत दिए। मुख्यमंत्री विजय, चिन्मयी श्रीपदा और शरतकुमार समेत कई कलाकारों ने उनके निधन पर शोक जताया।

Tamil Singer Krishnaraj Death: तमिल फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर प्लेबैक सिंगर कृष्णराज रामासामी का 75 वर्ष की उम्र में चेन्नई में निधन हो गया। उनके जाने से तमिल फिल्म संगीत जगत में शोक की लहर है। फिलहाल उनके निधन की वजह सामने नहीं आई है। संगीतकार देवा के निधन के कुछ ही दिनों बाद कृष्णराज के निधन की खबर ने संगीत प्रेमियों को एक और बड़ा झटका दिया है।
देवा के बाद कृष्णराज के निधन से संगीत जगत में शोक
संगीतकार देवा का 17 अक्टूबर को निधन हुआ था। कृष्णराज ने अपने करियर के दौरान देवा के साथ कई फिल्मों में काम किया और उनकी जोड़ी ने तमिल संगीत को कई यादगार गीत दिए। इसके बाद 20 अक्टूबर को देवा के भतीजे और अभिनेता कार्तिक सबेश के निधन की खबर आई। लगातार हुई इन घटनाओं से तमिल फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है।
कृष्णराज के पार्थिव शरीर को शुक्रवार सुबह उनके गृहनगर सेलम जिले के वेम्बडितालम ले जाने की जानकारी सामने आई है। गायिका अनुराधा श्रीराम भी चेन्नई स्थित उनके आवास पहुंचीं और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री विजय और गायकों ने जताया दुख
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता सी. जोसेफ विजय ने कृष्णराज के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गायक की विशिष्ट आवाज और जोश से भरे गीतों ने प्रशंसकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। उन्होंने उनके परिवार, मित्रों, सहकर्मियों और संगीत प्रेमियों के प्रति संवेदना जताई।
गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने भी इस घटना पर दुख जताया और इस सप्ताह को संगीत जगत के लिए बेहद कठिन बताया। वहीं, गायिका सुजाता मोहन ने कृष्णराज को याद करते हुए कहा कि देवा के निधन के तुरंत बाद यह एक और बड़ा झटका है। उन्होंने बताया कि कृष्णराज देवा के पसंदीदा गायकों में शामिल थे और कई गीतों में उनका अहम योगदान रहा।
300 से अधिक गीतों में सुनाई दी आवाज
अभिनेता शरतकुमार ने भी कृष्णराज के निधन पर शोक जताया। उनके मुताबिक, गायक की आवाज 300 से अधिक गीतों में सुनाई दी, जिनमें शरतकुमार की फिल्मों के कई लोकप्रिय गाने भी शामिल हैं। उन्होंने ‘विन्नुक्कुम मन्नुक्कुम’ के ‘पासमुल्ला सूरियने’, ‘सिम्मरासी’ के ‘थाये थिरिसूली’, ‘मूवेंद्र’ के ‘सोक्कू सुंदरी’ और ‘नटपुकागा’ के ‘करुडा करुडा’ जैसे गीतों को याद किया।
शरतकुमार ने कहा कि कृष्णराज की आवाज में मौजूद गहराई और भावनात्मक अभिव्यक्ति उन्हें श्रोताओं की यादों में जीवित रखेगी। उन्होंने इसे संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति बताते हुए उनके परिवार और साथी कलाकारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
बुनकर से प्लेबैक सिंगर बनने तक का सफर
कृष्णराज का संगीत की दुनिया तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। फिल्मों में पहचान बनाने से पहले वह बुनकर के रूप में काम करते थे। संगीत के प्रति रुचि ने उन्हें वाद्ययंत्र सीखने और संगीत मंडलियों के साथ गाने के लिए प्रेरित किया। वह धार्मिक आयोजनों में भी प्रस्तुति देते थे और इसी दौरान फिल्म इंडस्ट्री में अवसर तलाशते रहे।
उनका शुरुआती रिकॉर्ड किया गया गीत ‘अधिकालाई सुवेलाई’ नाम की एक ऐसी फिल्म के लिए था, जो रिलीज नहीं हो सकी। इस गीत का संगीत देवा ने तैयार किया था। 1990 के दशक में कृष्णराज को पहचान मिलने लगी और देवा के साथ उनकी साझेदारी मजबूत होती गई। दोनों ने 2000 के दशक तक कई गीतों पर साथ काम किया।
‘थंजावूरू मन्नु एदुथु’ से मिली खास पहचान
कृष्णराज के चर्चित गीतों में 1997 की फिल्म ‘पोरक्कालम’ का ‘थंजावूरू मन्नु एदुथु’ खास स्थान रखता है। यह गीत तमिल संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय रहा। रिपोर्टों के मुताबिक, सिंगापुर के पूर्व राष्ट्रपति एस. आर. नाथन की राजकीय अंत्येष्टि के दौरान भी यह गीत बजाया गया था और इसे उनकी अंतिम इच्छाओं में शामिल बताया गया था।
कृष्णराज ने अपनी गायकी और विशिष्ट आवाज से तमिल फिल्म संगीत में अलग पहचान बनाई। उनके गीतों को श्रोताओं ने लंबे समय तक पसंद किया और संगीतकार देवा सहित कई कलाकारों के साथ उनका काम याद किया जाता रहेगा। उनके निधन से तमिल संगीत जगत ने एक अनुभवी आवाज खो दी है।


