Grahan In August 2026 : अगस्त में 16 दिन के अंतराल पर सूर्य और चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में सूतक और पूजा-पाठ पर क्या रहेगा असर

Grahan In August 2026 : नई दिल्ली। सावन मास के बीच अगस्त 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। इस महीने सिर्फ 16 दिनों के अंतराल में एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। हालांकि भारत के लिए राहत की बात यह है कि दोनों ग्रहण यहां दिखाई नहीं देंगे, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल प्रभावी नहीं होगा और पूजा-पाठ सहित सभी धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
खगोलीय गणनाओं के अनुसार 12 अगस्त 2026 (बुधवार) को सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण यूरोप, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और रूस के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, जबकि भारत में इसका दर्शन नहीं होगा। इसके बाद 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भी दुनिया के कई क्षेत्रों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में दृश्य नहीं होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल केवल उसी स्थान पर मान्य माना जाता है जहां ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है। चूंकि दोनों ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होंगे, इसलिए यहां मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और नियमित पूजा-अर्चना, दर्शन, जप, दान तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी रोक-टोक के संपन्न किए जा सकेंगे।
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और चंद्र ग्रहण को महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाएं माना जाता है। कई विद्वान इनके वैश्विक स्तर पर मौसम, प्राकृतिक घटनाओं, राजनीति और आर्थिक गतिविधियों पर संभावित प्रभाव की चर्चा करते हैं। वहीं व्यक्तिगत स्तर पर ग्रहण का प्रभाव जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, इसलिए आम लोगों को किसी प्रकार की आशंका या भ्रम में आने की आवश्यकता नहीं है। वे अपनी दैनिक दिनचर्या, धार्मिक कार्य और शुभ कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं।


