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सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों की जान बचाने की कवायद, मिलेगा डेढ़ लाख तक का मुफ्त इलाज

भोपाल। सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को अब उपचार के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। 1.50 लाख रुपए तक का इलाज निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी तैयार सरकार ने कर ली है। राज्य सरकार वहन करेगी। सरकार आयुष्मान संबद्ध अस्पतालों का एक ऐसा देश व्यापी नेटवर्क बना रहीं है जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को निशुल्क उपचार मिल सके। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट इटाबेस के क्रियान्वयन के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल में कार्यालय में समन्वय बैठक हुई।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल प्रभाकर तिवारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज दुरंगाडे, नेशनल इनफॉरमेशन सेंटर के मनोज शर्मा, आईआरएडी से गौतम, आयुष्मान भारत निरामयम से अक्षत मंडलोई सहित जिला स्तरीय अधिकारी सम्मिलित हुए। बैठक में नेशनल एवं राजमागों पर होने सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली आकस्मिक मृत्यु को न्यून्तम करने के लिए भारत सरकार द्वारा क्रियान्चित इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेट वाटाबेस के विभिन्न पक्षों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस कार्यक्रम के तहत सड़क दुर्घटना में घायल को शासन द्वारा निर्धारित, न्यूनतम निश्चित राशि का निशुल्क उपचार मिल सकेगा।
ऐसे काम करेगा इंटीग्रेटेड सिस्टम
बैठक में दुर्घटना में घायल मरीज को जल्द उपचार दिलवाने के लिए नजदीकी अस्पताल से टैगिंग, आईआरपजी ऐप के सुचारू उपयोग, डाटा एंट्री अस्पतालों के पंजीयन इत्यादि के बारे में चर्चा की गई। बैठक में डॉ प्रभाकर ने कहा कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों की टैगिंग प्राथमिकता से की जाए। जिससे कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को उपचार के लिए शासन द्वारा निर्धारित यूनतम राशि। के अलावा 5 लाख रुपए तक के इलाज की कैशलेस सुविधा का लाभ मिल सके। तैयारी को अब सरकार ने अपने ईडीएआर में परिवर्तित कर दिया है। एनआईसी द्वारा जानकारी दी गई कि इसके तहत भोपाल के सभी शासकीय व 145 आयुष्मान संबद्ध अस्पताल पंजीकृत किए जा चुके है तथा बचे हुए के पंजीकरण की कार्यवाही चल रही है।
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