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Economic Survey 2026: जंक फूड बना भारत के लिए साइलेंट हेल्थ इमरजेंसी, बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ा, विज्ञापनों पर सख्त रोक की सिफारिश, आ​र्थिक सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े

Economic Survey 2026

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Economic Survey 2026: जंक फूड बना भारत के लिए साइलेंट हेल्थ इमरजेंसी, बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ा, विज्ञापनों पर सख्त रोक की सिफारिश, आ​र्थिक सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े
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Economic Survey 2026: नई दिल्ली। भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) यानी जंक फूड की बढ़ती खपत को लेकर आर्थिक सर्वेक्षण ने गंभीर चेतावनी दी है। सर्वेक्षण के अनुसार, देश दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते यूपीएफ बाजारों में शामिल हो चुका है, जिससे मोटापा, डायबिटीज और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। सबसे अधिक चिंता का विषय बच्चों और युवाओं में मोटापे की बढ़ती दर है।

Economic Survey 2026: सर्वेक्षण में कहा गया है कि यदि समय रहते ठोस और समन्वित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में भारत को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ सकता है। सर्वेक्षण ने स्पष्ट किया कि केवल उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव काफी नहीं है, बल्कि पूरी खाद्य प्रणाली में नीतिगत सुधार जरूरी हैं।

Economic Survey 2026: मल्टीलेवल पॉलिसी की जरूरत आर्थिक सर्वेक्षण ने जंक फूड की बढ़ती खपत से निपटने के लिए मल्टीलेवल पॉलिसी अप्रोच अपनाने पर जोर दिया है, ताकि मोटापा और लाइफस्टाइल बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

Economic Survey 2026: पांच साल में बच्चों में मोटापा 3.4% तक पहुंचा आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार,

-पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में अधिक वजन की समस्या 2015-16 में 2.1% थी, जो 2019-21 में बढ़कर 3.4% हो गई।

-वर्ष 2020 में भारत में करीब 3.3 करोड़ बच्चे मोटापे से ग्रस्त थे, जिनकी संख्या 2035 तक 8.3 करोड़** होने का अनुमान है।

-राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के मुताबिक, देश में 24% महिलाएं और 23% पुरुष अधिक वजन या मोटापे की श्रेणी में आते हैं।

-15 से 49 वर्ष की आयु वर्ग में 6.4% महिलाएं और 4% पुरुष मोटापे से पीड़ित हैं।

Economic Survey 2026: जंक फूड विज्ञापनों पर सख्त रोक की सिफारिश सर्वेक्षण में सुझाव दिया गया है कि

-सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर जंक फूड विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाया जाए।

-बच्चों और युवाओं को लक्षित विज्ञापनों पर सख्ती हो।

-डिजिटल मीडिया और बच्चों के लिए दूध व पेय पदार्थों के प्रचार को नियंत्रित किया जाए।

-रिपोर्ट के अनुसार, जंक फूड के विज्ञापन बच्चों की खाने की आदतों को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।

Economic Survey 2026: यूपीएफ पर नियंत्रण के प्रमुख सुझाव

-हाई फैट, शुगर और नमक (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबलिंग

-बच्चों को लक्षित विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध

-सार्वजनिक स्वास्थ्य को कमजोर न करने वाले व्यापार समझौते

-यूपीएफ उत्पादन का नियमन और जिम्मेदार मार्केटिंग

Economic Survey 2026: इन देशों में पहले से लागू है सख्ती आर्थिक सर्वेक्षण में चिली, नॉर्वे और ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए बताया गया कि इन देशों में जंक फूड विज्ञापनों पर सख्त प्रतिबंध हैं। हाल ही में ब्रिटेन ने बच्चों पर प्रभाव कम करने के लिए रात 9 बजे से पहले जंक फूड विज्ञापनों पर रोक लगाई है।

Economic Survey 2026: यूपीएफ कारोबार में विस्फोटक बढ़ोतरी

-2009 से 2023 के बीच यूपीएफ की बिक्री में 150% से अधिक वृद्धि

-2006 में 0.9 अरब डॉलर से बढ़कर 2019 में करीब 38 अरब डॉलर

-इसी अवधि में पुरुषों और महिलाओं में मोटापा लगभग दोगुना


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