Top
Begin typing your search above and press enter to search.

Drugs Racket : ड्रग्स रैकेट का खुलासा, वजन घटाने और डिप्रेशन घटाने का झांसा देकर बनाते थे नशे का आदी, दो तस्कर गिरफ्तार

पुलिस ने उनके कब्जे से 15.14 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) और 3 लाख की कीमत का सामान बरामद किया है।

Drugs Racket : ड्रग्स रैकेट का खुलासा, वजन घटाने और डिप्रेशन घटाने का झांसा देकर बनाते थे नशे का आदी, दो तस्कर गिरफ्तार
X

Drugs Racket : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो युवाओं को नशे की लत में धकेलने के लिए वजन घटाने और डिप्रेशन से राहत जैसे झूठे वादों का सहारा ले रहा था। क्राइम ब्रांच ने गोविंदपुरा इलाके से दो तस्करों, सैफुद्दीन उर्फ सैफी और आशू उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया है। सैफुद्दीन लंबे समय से फरार था और उस पर 5,000 का इनाम घोषित था। पुलिस ने उनके कब्जे से 15.14 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) और 3 लाख की कीमत का सामान बरामद किया है।

वजन घटाने और डिप्रेशन के बहाने नशे का जाल-

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह रैकेट मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) की तर्ज पर काम कर रहा था। तस्कर खासकर युवतियों को मोहरा बनाकर क्लब, रेस्तरां और रेव पार्टियों में ड्रग्स का प्रचार-प्रसार करते थे। युवतियां पहले युवाओं को “वजन घटाने” और “तनाव से राहत” जैसे आकर्षक बहानों से मुफ्त में ड्रग्स देती थीं। एक बार लत लगने के बाद इन्हें महंगे दामों पर ड्रग्स बेचा जाता था। इस रैकेट का मुख्य निशाना जिम जाने वाले युवा, कॉलेज स्टूडेंट्स और पार्टी करने वाले लोग थे।

रैकेट का संचालन और डार्क वेब का इस्तेमाल-

पुलिस के अनुसार, सैफुद्दीन और आशू इस रैकेट के प्रमुख सदस्य थे, जो डार्क वेब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे स्नैपचैट और टेलीग्राम के जरिए ड्रग्स की बिक्री करते थे। ड्रग्स की आपूर्ति मुंबई, नागपुर और शाजापुर जैसे शहरों से हो रही थी। तस्कर ग्राहकों तक ड्रग्स पहुंचाने के लिए कूरियर सर्विस और डिलीवरी बॉयज का इस्तेमाल करते थे, ताकि उनकी गतिविधियां गोपनीय रहें। जांच में यह भी सामने आया कि रैकेट में शामिल लोग नए शिकार को डीलर बनाकर नेटवर्क को और विस्तार दे रहे थे।

पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की योजना-

क्राइम ब्रांच ने इस रैकेट को तोड़ने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) अमित कुमार ने बताया कि सैफुद्दीन और आशू से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire