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दीपावली को लेकर अलर्ट पर चिकित्सक, बर्न केस में तत्काल उपलब्ध होगी सहायता

भोपाल। दीपावली पर आतिशबाजी बच्चों को सबसे ज्यादा उत्साहित करती है। बीते साल पटाखों की चपेट में आने से एस और हमीदिया अस्पताल में 9 लोगों की आंखों को नुकसान पहुंचा था। इसके अलावा 50 से अधिक बर्न केस भी आए थे। इस साल इस तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए चिकित्सकों द्वारा अहम उपाय बताए गए हैं, साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों को अलर्ट पर रहने को कहा है। 15 मिनट में एक्सपर्ट को अस्पताल पहुंचना होगा। जिले में 108 की 40 एंबुलेंस भी तैनात रहेंगी।
ऑक्सीजन बेड रहेंगे आरक्षित
जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में 5 बिस्तरों का विशेष वार्ड तैयार किया जा रहा है। जिसमे ऑक्सीजन की व्यवस्था होगी। नेत्र रोग विशेषज्ञों के साथ मेडिसिन, बर्न एंड सर्जरी के चिकित्सकों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। जीएमसी के बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डेजिग्नेट प्राध्यापक डॉ. आनंद एन गौतम ने बताया कि दिवाली के मौके पर बर्न के केस बढ़ जाते हैं। ऐसे में इन सावधानियों का पालन जरूरी है। बच्चों के पटाखे फोड़ने के दौरान बड़ों की निगरानी जरूरी है। पटाखों को जलाते समय चेहरे को जितना हो सके दूर रखें। दो पानी की बाल्टी रखें। एक में फुलझड़ी जैसे पटाखों को जलाने के बाद डालें। वहीं, दूसरी बाल्टी में साफ पानी रखें। जलने पर सिर्फ पानी ही डालें, उसमें पेस्ट या कोई अन्य चीज ना लगाएं।
आंख ऐसे रखें सुरक्षित
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एसएस कुबरे ने कहा कि दीपावली पर बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें प्रोटेक्टिव चश्मे लगवाएं। पटाखों के कारण हर साल आंखों में चोट की समस्या आती हैं। इसके अलावा जिन लोगों में ड्राई आई की समस्या रहती है वे घुएं से दूर रहें। कांटेक्ट लैंस इस्तेमाल करने वालों को पटाखे जलाते वक्त साधारण चश्मा लगाना चाहिए।
बाहर के खानपान से बचें
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश टिक्कस ने बताया कि जिन बच्चों को पहले से अस्थमा व अन्य सांस संबंधित समस्याएं हैं, उन्हें आतिशबाजी के दौरान घर में अंदर ही रहना चाहिए। यदि बाहर जाएं तो मास्क जरूर लगाएं। इन दिनों मिलावट के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। ऐसे में बाहर के खानपान से बचना चाहिए।
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