Digital Arrest : रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी को 27 दिन तक रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’ में, सीबीआई बन ठगे 2.52 करोड़, दिल्ली से 4 गिरफ्तार
- Rohit banchhor
- 01 Mar, 2026
क्राइम ब्रांच ने इस हाई-टेक ठगी के मामले में दिल्ली से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Digital Arrest : ग्वालियर। 90 वर्षीय रिटायर्ड एयरफोर्स रेडियोलॉजिस्ट को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 27 दिन तक ऑनलाइन निगरानी में रखा गया और उनसे 2 करोड़ 52 लाख 16 हजार की ठगी कर ली गई। क्राइम ब्रांच ने इस हाई-टेक ठगी के मामले में दिल्ली से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित नारायण महादेव टिकेकर, जो एयरफोर्स के मेडिकल विभाग से सेवानिवृत्त हैं, को 28 जनवरी 2026 को व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार-पैन से जुड़े सिम के जरिए फ्रॉड हुआ है, इसलिए गिरफ्तारी होगी। वरिष्ठ नागरिक होने का हवाला देने पर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर घर से बाहर न निकलने और लगातार ऑनलाइन बने रहने को कहा गया।
आरबीआई जांच के नाम पर करोड़ों ट्रांसफर-
ठगों ने आरबीआई जांच का बहाना बनाकर अलग-अलग तारीखों में कुल 2.52 करोड़ ट्रांसफर करा लिए। रकम पहले पांच खातों में गई और वहां से 15 राज्यों के 300 से अधिक म्यूल अकाउंट्स में बांट दी गई।
फर्जी फर्म से खोला करंट अकाउंट-
जांच में सामने आया कि ‘जिग्गा क्रंच एंड स्नैक्स’ नाम से फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कर करंट अकाउंट खोला गया, जिसमें 30 लाख से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ। दिल्ली में इस खाते की लोकेशन ट्रेस कर मोहित मिश्रा और साहिल खान को पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि राहुल प्रजापति और हरीश रावत के कहने पर फर्म खोलकर खाता चालू कराया गया था। खाते में आई रकम के एवज में उन्हें 2.5 लाख कमीशन मिला। मोहित मिश्रा का इंडसलैण्ड बैंक खाता 1.5 लाख में खरीदा गया था। इसी खाते में ठगी की रकम में से 30 लाख रुपए जमा हुए थे।
बड़े खुलासों की उम्मीद-
एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि ये लोग कई लोगों के बैंक खाते खरीदकर साइबर गिरोह को उपलब्ध कराते थे। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।

