दमोह: प्राचीन हरसिद्धि मंदिर में चोरी, बुजुर्ग ने किया चोरों का पीछा, पुलिस जुटी जांच में

दमोह, मध्य प्रदेश: दमोह जिले में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के बांसा गांव में स्थित प्राचीन हरसिद्धि मंदिर में चोरी की बड़ी घटना सामने आई है। यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र है। देर रात हुई इस चोरी ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
घटना के समय 75 वर्षीय बुजुर्ग राधारानी, जो मंदिर के ठीक सामने रहती हैं, ने चोरों की गतिविधियों को देखा और उनका पीछा करने का प्रयास किया। लेकिन उनकी कोशिशों के बावजूद चोर दानपेटी लेकर फरार हो गए। इस चोरी से ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
घटना का विवरण
यह घटना रात करीब 2 बजे की है। हरसिद्धि मंदिर के पास रहने वाली राधारानी ने मंदिर से अजीबोगरीब आवाजें सुनीं। शक होने पर वह तुरंत अपने घर से बाहर निकलीं। उन्होंने देखा कि कुछ अज्ञात लोग मंदिर के अंदर थे। राधारानी ने उनकी हरकतों को समझने की कोशिश की और उनका पीछा भी किया। हालांकि, बुजुर्ग होने के कारण वे चोरों को पकड़ने में असमर्थ रहीं, और चोर मंदिर की दानपेटी लेकर फरार हो गए।
पुजारी और सरपंच को दी गई सूचना
बुजुर्ग ने घटना के तुरंत बाद मंदिर के पुजारी को जगाया और उन्हें चोरी की जानकारी दी। जब पुजारी मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि दानपेटी गायब थी। इसके बाद पुजारी ने गांव के सरपंच और अन्य संबंधित लोगों को सूचित किया।
दानपेटी में हो सकती थी बड़ी रकम
पुजारी ने बताया कि मंदिर की दानपेटी पिछले तीन सालों से नहीं खोली गई थी। इस दानपेटी में लगभग 50 हजार रुपये से अधिक राशि होने की संभावना जताई जा रही है। चोरों द्वारा इस तरह की हरकत से ग्रामीणों में न केवल आर्थिक नुकसान का दुख है, बल्कि उनकी आस्था पर भी गहरा आघात लगा है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम जुटी जांच में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पथरिया थाने की पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाकर चोरों के सुराग जुटाने का प्रयास किया। एसडीओपी रघु केशरी ने बताया कि चोरी के इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। "हम चोरों को जल्द ही पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं," उन्होंने आश्वासन दिया।
गांव में फैली सनसनी
चोरी की इस घटना ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी है। हरसिद्धि मंदिर केवल धार्मिक महत्व का केंद्र नहीं है, बल्कि यह गांव के सांस्कृतिक जीवन का भी अहम हिस्सा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस जल्द से जल्द चोरों को पकड़कर उन्हें सख्त सजा दिलाए।
चोरी की घटनाओं पर सवाल
दमोह जिले में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को रात के गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
चोरी के पीछे बड़े गिरोह की संभावना
पुलिस जांच के अनुसार, चोरी में शामिल लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया है। इसलिए, यह संभावना जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह हो सकता है। पुलिस का कहना है कि वह इस पहलू की भी जांच कर रही है।
ग्रामीणों की अपील
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने मंदिर की दानपेटियों को नियमित रूप से खोलने और राशि का उचित प्रबंधन करने का सुझाव भी दिया है। दमोह में घटित इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है, बल्कि यह भी बताया है कि लोगों की धार्मिक आस्था और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना महत्वपूर्ण है। पुलिस से उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द से जल्द इस मामले को सुलझाएगी और दोषियों को कानून के कटघरे में लाएगी।


