Crime News: अजीबो-गरीब चोर, रोज 400 किमी का सफर कर चोरी करने पहुंचते थे दिल्ली, सुबह की ट्रेन से घर वापस, जानें कैसे पकड़े गए शातिर
लेकिन आखिरकार पुलिस ने उसे और उसके साथी को धर दबोचा। तिहाड़ से भागा, फिर शुरू की चोरी

Crime News: नई दिल्ली। आपने चोरी की अजीबो-गरीब कहानियां तो सुनी होंगी, लेकिन क्या कभी सुना कि कोई चोर हर रोज 400 किलोमीटर का सफर कर चोरी करने दिल्ली आए और पुलिस को चकमा देता रहे? जी हां, ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आदतन चोर तिहाड़ जेल से फरार होने के बाद भी दिल्ली पुलिस को गच्चा देता रहा। लेकिन आखिरकार पुलिस ने उसे और उसके साथी को धर दबोचा।
तिहाड़ से भागा, फिर शुरू की चोरी
दिल्ली पुलिस की हिरासत से फरार हुआ ये चोर, जिसका नाम अदनान उर्फ फरहान है, उत्तर प्रदेश के रामपुर में अपने घर लौट गया था। इसके बाद वो अपने दोस्त अकरम के साथ हर रात रामपुर से दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़ता। दिल्ली पहुंचकर दोनों लूटपाट और झपटमारी की वारदातों को अंजाम देते और सुबह होते ही वापस रामपुर लौट जाते। लेकिन, इस बार उनकी चालाकी काम न आई और दिल्ली पुलिस की न्यायिक अभिरक्षा वाहिनी (एनएवी) ने दोनों को रामपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
कैसे पकड़ा गया अदनान
एनएवी के डीसीपी चंदर कुमार ने बताया कि साल 2020 में अदनान को बाड़ा हिंदूराव पुलिस ने मोबाइल झपटमारी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। उसे तीस हजारी कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया था, जहां से वो फरार हो गया। इसके बाद उसे भगोड़ा घोषित कर मंडी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने अदनान की तलाश में इंस्पेक्टर संजय कुमार गुप्ता की अगुवाई में एक टीम बनाई, जिसमें एसआई प्रभात और हेड कॉन्स्टेबल अमित कुमार शामिल थे। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से अदनान और अकरम का सुराग लगाया। जब दोनों रेलवे स्टेशन से अपने घर जा रहे थे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
चोरी का 'ट्रेन प्लान'
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे रात 11 बजे रामपुर से ट्रेन पकड़ते और सुबह 5 बजे दिल्ली पहुंचते। गाजियाबाद से चुराई एक स्कूटी को दिल्ली में छिपाकर रखा था, जिसे वे चोरी के लिए इस्तेमाल करते। पुरानी दिल्ली के इलाकों में झपटमारी करने के बाद सुबह 7:30 बजे अवध-असम ट्रेन से वापस रामपुर लौट जाते। दिन में रामपुर में घूमते ताकि किसी को शक न हो। दोनों ने फरारी के दौरान एक दर्जन से ज्यादा झपटमारी की वारदातें कबूली हैं।


