Kanker ACB Trap: फसल बीमा के नाम पर रिश्वत ले रहे दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गिरफ्तार, ACB ने की ट्रैप कार्रवाई
Kanker ACB Trap: कांकेर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने फसल बीमा क्लेम पास करने के एवज में 20,000 रुपए की रिश्वत लेते दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा है।

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ किसानों की फसल नष्ट होने के बाद बीमा का क्लेम पास कराने के एवज में रिश्वतखोरी का बड़ा खेल चल रहा था।
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) जगदलपुर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को 20,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
आलनार निवासी प्रार्थी सगाऊ राम कोमरा की फसल नष्ट हो जाने के बाद उनका बीमा प्रकरण तैयार किया जाना था। 90,000 रुपए की बीमा राशि निकलवाने के एवज में इन भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा कुल बीमा राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा बतौर रिश्वत देने का भारी दबाव बनाया जा रहा था।
एसीबी तक ऐसे पहुंचा मामला
प्रार्थी सगाऊ राम इन भ्रष्ट अधिकारियों को घूस नहीं देना चाहता था, बल्कि वह उन्हें कानून के शिकंजे में फँसाना चाहता था। इसी उद्देश्य से उसने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) इकाई, जगदलपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
एसीबी की टीम ने नियमानुसार शिकायत का भौतिक सत्यापन कराया, जिसमें दोनों अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगे जाने का आरोप पूरी तरह से सही पाया गया। इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ने की रणनीति बनाई।
पहली किस्त लेते दबोचे गए आरोपी
सत्यापन के बाद एसीबी जगदलपुर की टीम ने आमाबेड़ा क्षेत्र में एक सफल ट्रैप आयोजित किया। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सुंदर लाल बच्छड़ और प्रवीण उर्फ रिंकू चंद्राकर को प्रार्थी से पहली किस्त के रूप में 20,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।
एसीबी की टीम ने दोनों आरोपी अधिकारियों को हिरासत में लेते हुए उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 और 12 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से इलाके के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है।


