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Cyclone Arnab Chhattisgarh Red Alert: छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में रेड अलर्ट, 90 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; दंतेवाड़ा में स्कूलों की छुट्टी और 779 राहत शिविर तैयार

Arnab in Chhattisgarh: 4 जिलों में रेड अलर्ट, 90 किमी की रफ्तार से हवाएं और भारी बारिश की चेतावनी

Cyclone Arnab Chhattisgarh Red Alert: छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में रेड अलर्ट, 90 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; दंतेवाड़ा में स्कूलों की छुट्टी और 779 राहत शिविर तैयार
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रायपुर। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर आज से छत्तीसगढ़ में दिखना शुरू हो गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, यह तूफान बुधवार को ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट से टकराएगा, जिसके चलते दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और तेज आंधी का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर व्यापक तैयारियां कर ली हैं।

4 जिलों में रेड अलर्ट और 90 किमी की रफ्तार से हवाएं

चक्रवात के खतरे को देखते हुए 28 अक्टूबर के लिए प्रदेश के 4 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि रायपुर समेत कई अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और 200 मिमी तक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके अलावा कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है।

दंतेवाड़ा में स्कूलों की छुट्टी और किसानों के लिए एडवाइजरी

बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में संभावित खतरे को देखते हुए आज स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। वहीं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों के लिए विशेष मौसम सलाह जारी की है। किसानों को अगले 2 से 4 दिनों तक धान और अन्य फसलों की कटाई रोकने, कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा खेतों में पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी गई है ताकि नुकसान से बचा जा सके।

सुरक्षा और राहत के पुख्ता इंतजाम: 779 राहत शिविर तैयार

आसन्न आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार ने युद्ध स्तर पर तैयारियां की हैं। प्रशासन ने सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद और रायपुर को अति संवेदनशील माना गया है।

प्रभावित लोगों के लिए कुल 779 राहत शिविर तैयार किए गए हैं, जिनमें लगभग 1 लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। राज्य में SDRF की 7 टीमें (प्रत्येक में 36 जवान) और दुर्ग, सुकमा, बस्तर व बीजापुर में NDRF की टीमें मोर्चा संभालेंगी। इसके अलावा 828 नगर सेना के जवान और 3,895 आपदा मित्र तैनात किए गए हैं।

आपात स्थिति के लिए राज्य स्तरीय 24 घंटे का कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। लोग किसी भी सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी संवेदनशील जिलों के अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पर्याप्त दवाइयों और डॉक्टरों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।



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