CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, नए सिस्टम से भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली से प्रदेश में बढ़ेगी बारिश, कई इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा और बिजली गिरने की संभावना

CG Weather : रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 21 सितंबर को डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके बाद 23 सितंबर की सुबह तक इसके उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के आसपास पहुंचने का अनुमान है। इस सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी दिखाई दे सकता है।
कई जिलों में बारिश के आसार
सोमवार को प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के साथ बादल गरजने और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक प्रदेश में बारिश और बादलों का दौर जारी रह सकता है। राजधानी रायपुर में भी आज आसमान में बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। यहां अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
रविवार को इन इलाकों में हुई बारिश
रविवार को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई। छिंदगढ़ में 7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा तोंगपाल और छोटेडोंगर में 6-6 मिमी, नांगर और सुकमा में 5-5 मिमी बारिश हुई। जगदलपुर, मालखरौदा, ओरछा, पेण्ड्रा रोड और कुसमी में 4-4 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के कई अन्य इलाकों में 1 से 3 मिमी तक वर्षा हुई।
तापमान की बात करें तो रविवार को बिलासपुर में अधिकतम 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पेण्ड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक मौसमी वर्षा सामान्य के आसपास रही है और इसमें करीब 6 प्रतिशत का अंतर दर्ज किया गया है। नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने के बाद आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा और बढ़ सकता है।


