Top
Begin typing your search above and press enter to search.

CG Crime : बैंक चेक और नोटरी एग्रीमेंट से जीता भरोसा, फिर 3.12 करोड़ लेकर फरार हुआ आरोपी, इंदौर से गिरफ्तार

शेयर ट्रेडिंग में हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर कई निवेशकों से की थी ठगी, धमतरी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पकड़ा।

CG Crime : बैंक चेक और नोटरी एग्रीमेंट से जीता भरोसा, फिर 3.12 करोड़ लेकर फरार हुआ आरोपी, इंदौर से गिरफ्तार
X

CG Crime : धमतरी। शेयर बाजार में निवेश कर हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफा कमाने का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में धमतरी पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी को मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अब तक की जांच में 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की ठगी का आरोप सामने आया है। वह कलेक्ट्रेट रोड स्थित ‘वेल्थ ट्रैकर’ कार्यालय के जरिए निवेशकों को अपने जाल में फंसाता था।

नोटरी एग्रीमेंट और बैंक चेक से जीतता था भरोसा

पुलिस के अनुसार, आरोपी विक्रम सिंह शाह निवेशकों को शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में रकम लगाने पर हर महीने 4 प्रतिशत ब्याज या मुनाफा देने का भरोसा दिलाता था। लोगों का विश्वास जीतने के लिए वह स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा तैयार करवाता और सुरक्षा के नाम पर बैंक चेक भी देता था। शुरुआत में कुछ महीनों तक मुनाफे की रकम देकर वह निवेशकों का भरोसा बनाए रखता था। इसके बाद मूलधन और लाभ की राशि लौटाए बिना फरार हो जाता था।

एक शिकायत से सामने आई करोड़ों की धोखाधड़ी

मामले की शुरुआत बालोद जिले के गुरूर निवासी 62 वर्षीय शिवकुमार साहू की शिकायत से हुई। उन्होंने बताया कि आरोपी के पास उन्होंने अपने परिजनों के साथ 25 लाख रुपये निवेश किए थे। शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटनास्थल धमतरी कोतवाली क्षेत्र में होने के कारण आगे की विवेचना सिटी कोतवाली पुलिस ने की।

जांच के दौरान कई अन्य निवेशकों के साथ भी धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, संगीता सिन्हा से 81 लाख, अंबिका प्रसाद सोनवानी से 60 लाख, भूषण सिन्हा से 28 लाख, चेतन सिन्हा से 16 लाख और प्रभुलाल सिन्हा से 12 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है। अन्य निवेशकों की रकम मिलाकर ठगी का कुल आंकड़ा 3.12 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।

इंदौर में मिली लोकेशन, 29 अक्टूबर को गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को आरोपी की लोकेशन मध्यप्रदेश के इंदौर में मिली। इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी विक्रम सिंह शाह (37) को 29 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से धमतरी के हटकेशर स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का निवासी है। वर्तमान में वह रायपुर के अमलीडीह, न्यू राजेंद्र नगर में रह रहा था।

मोबाइल, टैबलेट और निवेश संबंधी दस्तावेज जब्त

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट, निवेशकों से जुड़े नोटरीकृत इकरारनामे और बैंक चेक जब्त किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब ठगी की रकम के लेन-देन, उसके इस्तेमाल और मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire