BSP Scrap Theft Case: बीएसपी लोहा-स्क्रैप चोरी मामले की अब CBI करेगी जांच, राजपत्र में अधिसूचना जारी
BSP Scrap Theft Case की अब CBI जांच करेगी। राज्य सरकार की सहमति के बाद 25 सितंबर को राजपत्र में अधिसूचना जारी हुई।

दुर्ग-भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में लोहा-स्क्रैप चोरी के मामले में अब CBI जांच करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (CBI) को इस मामले की जांच के लिए सहमति दे दी है। 25 सितंबर 2026 को जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र में इसकी अधिसूचना प्रकाशित की गई है।
राज्य सरकार की सहमति के बाद अपराध क्रमांक 277/2026 की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी के दायरे में आ गई है। इस मामले में अब तक रसमड़ा स्थित स्टील कंपनी के MD और डायरेक्टर समेत 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
250 टन स्क्रैप मिलने के बाद खुला मामला
BSP से जुड़े लोहा-स्क्रैप चोरी का मामला अकलोरडीही खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स से करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद होने के बाद सामने आया था। पुलिस ने मौके से स्क्रैप के अलावा कई वाहन और मशीनें भी जब्त की थीं।
इसके बाद पुरानी भिलाई थाने में अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने संजय सिंह को कथित मास्टरमाइंड बताया और उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस की जांच में स्क्रैप को BSP से बाहर निकालने, फ्लू डस्ट ले जाने वाले वाहनों में लोड करने और उसे आगे खपाने से जुड़ी कड़ियों की जानकारी सामने आई। जांच के दौरान रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में चोरी के स्क्रैप की खपत किए जाने की बात भी सामने आई।
स्टील कंपनी के MD और डायरेक्टर भी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रसमड़ा स्थित कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग (60) और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह (39) को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया था। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें 3 आरोपी जमानत पर बाहर हैं, जबकि 5 आरोपियों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
विधायक रिकेश सेन ने की थी जांच की मांग
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने BSP स्क्रैप चोरी मामले की जांच CBI समेत अन्य केंद्रीय और राज्य एजेंसियों से कराने की मांग की थी। इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय इस्पात मंत्रालय, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष सहित कई स्तरों पर पत्राचार किया था


