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Ambikapur Mahamaya Temple: अंबिकापुर महामाया मंदिर में सरगुजा राजपरिवार के मुखिया टीएस सिंहदेव ने की संधि पूजा, जानें क्यों दो घंटे बंद रहा मंदिर

Ambikapur Mahamaya Temple: शारदीय नवरात्र की नवमी पर अंबिकापुर के मां महामाया मंदिर में सरगुजा राजपरिवार के मुखिया टीएस सिंहदेव ने संधि पूजा की। सुरक्षा कारणों से मंदिर दो घंटे तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहा।

Ambikapur Mahamaya Temple: अंबिकापुर महामाया मंदिर में सरगुजा राजपरिवार के मुखिया टीएस सिंहदेव ने की संधि पूजा, जानें क्यों दो घंटे बंद रहा मंदिर
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अंबिकापुर। शारदीय नवरात्र की नवमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ के शक्तिपीठों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अंबिकापुर के प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर में परंपरा का निर्वहन करते हुए सरगुजा राजपरिवार के मुखिया और वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने सोमवार को अष्टमी-नवमी की विशेष संधि पूजा संपन्न की। इस दौरान विधि-विधान और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए करीब दो घंटे तक बंद रखे गए।

राजपरिवार के सदस्यों ने की कुलदेवी की आराधना

निर्धारित परंपरा के अनुसार, राजपरिवार के मुखिया टीएस सिंहदेव सुबह 9 बजे मां महामाया मंदिर पहुंचे। उन्होंने मां महामाया (जो कि सरगुजा राजपरिवार की कुलदेवी हैं) की विधिवत पूजा-अर्चना की और कुष्मांड की बलि दी। संधि पूजन के अनुष्ठान के चलते मंदिर के द्वार लगभग दो घंटे तक सामान्य श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे, जिससे पूजा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। पूजन के तुरंत बाद मंदिर को दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया।

इस धार्मिक अनुष्ठान में राजपरिवार के सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव और कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंदिर के मुख्य पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यह संधि पूजा पूरी कराई।

समलाया मंदिर में भी टेका माथा

मां महामाया की पूजा के बाद टीएस सिंहदेव पारंपरिक रूप से समलाया मंदिर पहुंचे और वहां भी मां की विधिवत पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि महामाया मंदिर में दर्शन के बाद मां समलाया की पूजा करना अनिवार्य होता है, इसके बिना पूरा अनुष्ठान अधूरा माना जाता है।

शक्तिपीठों और पंडालों में उमड़े भक्त

अष्टमी की उदित तिथि सोमवार को होने के कारण सुबह करीब 10 बजे संधि पूजन का मुख्य मुहूर्त रहा। इस दौरान अंबिकापुर शहर के सभी प्रमुख देवी मंदिरों और दुर्गा पंडालों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मां महामाया मंदिर में तो तड़के 4 बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था।

शहर के गांधी चौक स्थित मां दुर्गा मंदिर, संत हरकेवल दास मंदिर, वनदेवी सांडबार और विभिन्न काली मंदिरों में भी भव्य रूप से संधि पूजा का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर कन्या भोज का आयोजन भी हुआ। भारी भीड़ और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा तथा शहर के कुछ मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया था।


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