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Achankamar Tiger Reserve Kevchi Gate: अचानकमार टाइगर रिजर्व में खुला नया केवची गेट, अब अमरकंटक से आने वाले पर्यटकों की इंट्री होगी आसान

Achankamar Tiger Reserve Kevchi Gate: अचानकमार टाइगर रिजर्व में केवची गेट से नई सफारी शुरू हो गई है। अब अमरकंटक से आने वाले पर्यटकों के लिए दूरी और समय घटेगा, पहले दिन 11 जिप्सी की बुकिंग हुई।

Achankamar Tiger Reserve Kevchi Gate: अचानकमार टाइगर रिजर्व में खुला नया केवची गेट, अब अमरकंटक से आने वाले पर्यटकों की इंट्री होगी आसान
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बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए नए टूरिज्म सीजन की शुरुआत के साथ ही बड़ी सौगात मिली है। अब अमरकंटक और मध्य प्रदेश की ओर से आने वाले पर्यटक सीधे केवची गेट से अचानकमार में एंट्री कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर नए केवची बफर सफारी प्रवेश द्वार और नए सफारी रूट का वर्चुअली लोकार्पण किया गया, जिससे पर्यटकों का सफर अब और भी आसान हो गया है।

समय और दूरी दोनों की होगी भारी बचत

अब तक अमरकंटक और एमपी की ओर से आने वाले पर्यटकों को कोटा-शिवतराई होते हुए काफी लंबा चक्कर काटकर टाइगर रिजर्व पहुंचना पड़ता था। लेकिन नए 'केवची गेट' के शुरू होने से न सिर्फ दूरी कम हुई है, बल्कि पर्यटकों के कीमती समय की भी भारी बचत होगी। उद्घाटन के पहले ही दिन पर्यटकों में भारी उत्साह देखा गया और पहले दिन ही 11 जिप्सी सफारी के साथ-साथ बैगा रिसॉर्ट के 3 कमरों की बुकिंग भी हो गई।

वर्चुअली हुआ भव्य लोकार्पण

केवची में आयोजित उद्घाटन समारोह में सुबह 11:30 बजे केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और वन मंत्री केदार कश्यप ने वर्चुअली रूप से नए प्रवेश द्वार और सफारी मार्ग का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक मनोज पांडेय ने हरी झंडी दिखाकर पहली सफारी जिप्सी को रवाना किया।

अतिथियों ने कहा कि अचानकमार की समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए 'जिम्मेदार ईको-टूरिज्म' (Responsible Eco-Tourism) को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता तो बढ़ेगी ही, साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।

मैकाल की पहाड़ियों में मिलता है वन्यजीवों का अनूठा संसार

मैकाल पर्वतमालाओं के बीच फैला अचानकमार टाइगर रिजर्व अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां बाघ, तेंदुआ, गौर, भालू, सोनकुत्ता और चीतल जैसे वन्यजीवों के साथ-साथ पक्षियों की 400 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। इस नए रूट के खुलने से स्थानीय युवाओं को जिप्सी संचालन, गाइड, होम-स्टे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार मिलने की पूरी उम्मीद है।


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