राजधानी रायपुर में छठ महापर्व की धूम, व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्पित किया अर्घ्य...
- Rohit banchhor
- 07 Nov, 2024
पूरे देश में लोक आस्था का प्रमुख पर्व छठ महापर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
Raipur City News : रायपुर। पूरे देश में लोक आस्था का प्रमुख पर्व छठ महापर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी स्थित आमातालाब पर गुरुवार की शाम व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस अवसर पर सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की गई, जिसमें व्रती महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र और परिवार की समृद्धि के लिए 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा है। छठ के तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के बाद, शुक्रवार की सुबह उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा, जिसके साथ इस पवित्र पर्व का समापन होगा।
Raipur City News : डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पण की परंपरा
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को, छठ पूजा के तीसरे दिन व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इस समय सूर्य देव अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ होते हैं, और इस समय अर्घ्य अर्पित करने से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का अर्थ तपस्या और मेहनत का प्रतिफल प्राप्त करने का समय माना जाता है, जिससे संतुलन, शक्ति और ऊर्जा का संचार होता है।

Raipur City News : छठ माता का महत्व
छठ महापर्व में सूर्यदेव के साथ छठ माता की पूजा का विशेष महत्व है। शास्त्रों में छठ माता को सूर्यदेव की बहन माना गया है, और इन्हें संतान की रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। संतान की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुखमय जीवन के लिए महिलाएं इस पर्व पर व्रत और पूजा करती हैं। मान्यता है कि देवी सीता, कुंती और द्रौपदी ने भी छठ का व्रत किया था, जिससे इस पर्व की महत्ता और बढ़ जाती है।
Raipur City News : भक्तिमय माहौल और सांस्कृतिक समर्पण
छठ महापर्व के अवसर पर रायपुर के घाटों और घरों में छठी मैया के गीतों की गूंज सुनाई दी, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बन गया। घरों से लेकर घाटों तक भक्तिभाव का माहौल बना रहा, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। इस महापर्व की तैयारियाँ कई दिनों से चल रही थीं, और लोगों ने पूरे उत्साह के साथ इस पवित्र पर्व में भाग लिया।

