CG Suspend : छत्तीसगढ़ विधानसभा में गलत जानकारी देने पर वन विभाग के अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई...
- Rohit banchhor
- 22 Mar, 2025
विभाग द्वारा दी गई जानकारी को गलत पाए जाने पर मंत्री ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
CG Suspend : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2025 में वन विभाग द्वारा सदन में गलत जानकारी प्रस्तुत करने का मामला सामने आने के बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने सख्त रुख अपनाया है। यह मामला विधानसभा सदस्य शेषराज हरवंश द्वारा इंदिरा निकुंज माना रोपणी में संचालित श्री कुंवारादेव महिला स्व सहायता समूह के कार्य संचालन के संबंध में उठाए गए सवाल से जुड़ा है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी को गलत पाए जाने पर मंत्री ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
CG Suspend : वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव को मामले की विस्तृत जांच के लिए निर्देशित किया। जांच के लिए एक समिति गठित की गई, जिसमें अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक नावेद शुजाउद्दीन और मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त राजू अगासिमनी शामिल थे। समिति ने रायपुर वनमंडल के रायपुर परिक्षेत्र द्वारा प्रस्तुत गलत जानकारी और तथ्यों को छिपाने के आरोपों की पड़ताल की। जांच के बाद दोषी पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई।
CG Suspend : रायपुर परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मिश्रा, माना नर्सरी प्रभारी वनपाल तेजा सिंह साहू, वनमंडल कार्यालय के सहायक ग्रेड-02 अविनाश वाल्दे और प्रदीप तिवारी, तथा परिक्षेत्र कार्यालय के लिपिक अजीत ड़डसेना को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा, वनमंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल और उप वनमंडलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी के खिलाफ शासन स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्राचार करने का निर्देश दिया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग के सभी अधिकारियों को भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने की सख्त हिदायत दी है।
CG Suspend : उन्होंने विधानसभा से जुड़े सवालों की जानकारी सत्यता और निष्ठा के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही, विभाग से संबंधित शासकीय पत्राचार, ऑडिट कंडिका और योजनाओं की जानकारी समय पर और सही ढंग से प्रस्तुत करने पर जोर दिया। मंत्री ने यह भी कहा कि वन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश के हर कोने तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम जनता तक इनका लाभ पहुंचे और शासन के प्रति विश्वास बना रहे। इस घटना ने विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बड़ा संदेश दिया है।

