secl-madannagar-police-attack: एसईसीएल मदननगर कोयला खदान के सीमांकन के दौरान पुलिस पर हमला, एसडीओपी समेत कई जवान घायल

secl-madannagar-police-attack: प्रतापपुर/सूरजपुर। सूरजपुर जिले के एसईसीएल भटगांव क्षेत्र में प्रस्तावित 'महान-4' मदननगर कोयला खदान के सीमांकन को लेकर शुक्रवार को गाँव पहुँची पुलिस और प्रशासन की टीम पर उग्र ग्रामीणों ने लाठी-डंडे, टांगी और फरसा से अचानक हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में एसडीओपी राजेश जोशी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। वारदात के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
secl-madannagar-police-attack: टीम को रास्ते में ही घेरा
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मदननगर खदान की सीमा तय करने के लिए पहुँची थी। विरोध की आशंका को देखते हुए सूरजपुर समेत संभाग के अन्य जिलों से भी पुलिस बल को पहले ही प्रतापपुर बुला लिया गया था। जैसे ही टीम सीमांकन के लिए आगे बढ़ी, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोक दिया। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी और धक्का-मुक्की हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
secl-madannagar-police-attack: जान बचाकर भागे पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और धारदार हथियारों से पुलिस टीम को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी खुद को बचाकर पीछे हटते और भागते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद मदननगर और धर्मपुर के आसपास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल ने उनकी उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण बेहद कम कीमत पर किया है और उन्हें उचित मुआवजा भी नहीं मिला। वर्ष 2017-18 में भी खदान शुरू करने की कोशिश हुई थी, लेकिन जनाक्रोश के चलते काम रोकना पड़ा था। पिछले तीन सालों से कंपनी ने दोबारा कवायद तेज की है, जिसका स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं।
घटना के बाद कलेक्टर रेना जमील और एसपी योगेश पटेल खुद प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर डटे हुए हैं। स्थिति को संभालने के लिए पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त बल मंगाया गया है।


