Raipur City News: ब्लू वाटर खदान में दोस्तों से तैरने की शर्त लगाना पड़ा भारी, 72 घंटे बाद मिला आदिल का शव
घटना से जुड़ा एक वीडियो फुटेज भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें दोस्तों के साथ आदिल के ब्लू वाटर...

Raipur City News: रायपुर। माना थाना क्षेत्र के नकटी गांव स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे 24 साल के आदिल खान का शव करीब 72 घंटे बाद शनिवार देर रात बरामद कर लिया गया। लगातार तीन दिनों से एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम खदान में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। शनिवार रात शव पानी की सतह पर दिखाई दिया, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने उसे बाहर निकाला।
दोस्तों के साथ घूमने पहुंचा था युवक
मौदहापारा निवासी आदिल खान पिता नासिर खान बुधवार शाम अपने तीन दोस्तों के साथ ब्लू वाटर घूमने पहुंचा था। इसी दौरान आदिल और उसके दोस्त तौफीक के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लग गई। दोनों पानी में उतरे, लेकिन तौफीक बाहर निकल आया और आदिल गहरे पानी में चला गया।
बचाने की कोशिश, लेकिन नहीं बच सका
बताया गया कि आदिल वापस आने की कोशिश कर रहा था, तभी वह अचानक गहराई में चला गया। तौफीक ने उसे बचाने के लिए वापस जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आदिल पानी में डूब चुका था। घटना की सूचना साथियों ने माना पुलिस को दी।
अंधेरा होने से रात में नहीं हो सका रेस्क्यू
हादसा शाम के समय हुआ था। अंधेरा होने और खदान की गहराई करीब 400 फीट होने के कारण रात में पानी के अंदर सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सका। अगले दिन एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की।
गहराई के कारण सर्चिंग में आई परेशानी
खदान की अधिक गहराई और पानी के अंदर की भौगोलिक स्थिति के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। टीम ने संभावित स्थानों पर लगातार सर्चिंग की। करीब तीन दिन तक चले अभियान के बाद शनिवार रात आदिल का शव पानी से बाहर निकाला गया। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की।
सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो
घटना से जुड़ा एक वीडियो फुटेज भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें दोस्तों के साथ आदिल के ब्लू वाटर पहुंचने और घटना से पहले की गतिविधियों की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद से पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी।
2017 से अब तक 10 मौतें
ब्लू वाटर खदान में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2017 से अब तक यहां डूबने से 9 लोगों की मौत हो चुकी थी। आदिल की मौत के बाद यह संख्या बढ़कर 10 हो गई है। खदान की अत्यधिक गहराई को देखते हुए यहां पानी में उतरना बेहद खतरनाक है। इसके बावजूद लोग घूमने के दौरान पानी में उतर जाते हैं, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है।


