Naxalite Surrender : 49 लाख के 8 इनामी हार्डकोर माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 5 महिला और 3 पुरुष शामिल

Naxalite Surrender : बीजापुर। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। झारखंड में सक्रिय माओवादी संगठन के कुल 49 लाख के इनामी 8 हार्डकोर माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए बीजापुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में एक दंपति समेत 5 महिला और 3 पुरुष माओवादी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी लंबे समय से झारखंड के दक्षिण जोनल कमेटी, सरांडा सब जोनल कमेटी और कोल्हान एरिया कमेटी के तहत सक्रिय थे। संगठन में वे डीवीसीएम (DVCM), जेडसीएम (ZCM), एसीएम (ACM) और सुरक्षा गार्ड जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं।
इन माओवादियों पर सुरक्षा बलों पर हमले, आईईडी विस्फोट, पुलिस पार्टी पर घात लगाकर हमला, सड़क निर्माण कार्यों में बाधा पहुंचाना, निर्माण मशीनों और वाहनों को आग लगाना, ठेकेदारों से लेवी वसूली, नए कैडरों की भर्ती और संगठन विस्तार जैसी कई नक्सली गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप हैं। सभी पर मिलाकर 49 लाख का इनाम घोषित था।
एसपी उमेश गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, माओवादी संगठन की कमजोर होती स्थिति, हिंसक विचारधारा से मोहभंग, पूर्व नक्सलियों के सफल पुनर्वास और आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर इन माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा, स्वरोजगार और रोजगार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
लच्छू बोला- अब खेती कर सामान्य जीवन जीना चाहता हूं
आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल लच्छू, जो मूल रूप से बीजापुर जिले के सावनार (थाना गंगालूर) का निवासी है, वर्ष 2014 में झारखंड के माओवादी संगठन से जुड़ा था। उसने बताया कि झारखंड में माओवादी संगठन लगभग समाप्त हो चुका है। उसने पहले आत्मसमर्पण के लिए संपर्क सूत्र बनाए और फिर हथियार संगठन के पास छोड़कर अपनी जान बचाते हुए बीजापुर पहुंचा, जहां पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। लच्छू ने कहा कि अब वह अपने गांव लौटकर खेती करना और सामान्य जीवन जीना चाहता है।


