Mahtari Vandan Yojana Scam: महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा : सरकारी शिक्षिका-कर्मचारियों समेत 200 से ज्यादा नाम जांच के दायरे में, रिकवरी की तैयारी शुरू
योजना की पात्रता शर्तों के अनुसार सरकारी विभागों में कार्यरत नियमित, स्थायी या संविदा कर्मचारियों के परिवारों को इसका लाभ नहीं दिया जाना है। मामले के सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

बिलासपुर। राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना को लेकर जांच के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आने का दावा किया गया है। जानकारी के मुताबिक, जिले में 200 से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें महिला शिक्षिकाओं, महिला कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों की पत्नियों के योजना का लाभ लेने की बात सामने आई है। योजना की पात्रता शर्तों के अनुसार सरकारी विभागों में कार्यरत नियमित, स्थायी या संविदा कर्मचारियों के परिवारों को इसका लाभ नहीं दिया जाना है। मामले के सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
शिकायतों के बाद शुरू हुई थी पड़ताल
मामले की शुरुआत योजना के कुछ लाभार्थियों को लेकर मिली शिकायतों से हुई। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने खंड स्तर के अधिकारियों को लाभार्थियों की विस्तृत जानकारी जुटाने और जांच करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान केवल हितग्राही महिला की जानकारी ही नहीं, बल्कि उनके पति के व्यवसाय और परिवार के रोजगार से जुड़ी जानकारी भी जुटाई गई।
इसी प्रक्रिया में ऐसे कई नाम सामने आए, जिनके परिवार का सरकारी सेवा से संबंध होने की जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि अकेले बिल्हा ब्लॉक में 11 मामले सामने आए हैं।
अब शुरू होगी राशि की रिकवरी
जांच में पात्रता शर्तों का उल्लंघन पाए जाने के बाद संबंधित महिलाओं से अब योजना के तहत मिली राशि की वसूली की कार्रवाई शुरू की जा रही है। बिल्हा ब्लॉक के बीईओ की ओर से ऐसे शिक्षकों और कर्मचारियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले के अन्य ब्लॉकों में भी संबंधित बीईओ की ओर से रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर वेतन से कटौती के जरिए रिकवरी की जा सकती है।
सरकारी कर्मचारियों के योजना लाभ पर क्यों उठे सवाल?
महतारी वंदन योजना की पात्रता में यह शर्त शामिल है कि जिस परिवार का कोई सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के विभाग, बोर्ड, निगम, उपक्रम या स्थानीय निकाय में नियमित, स्थायी या संविदा कर्मचारी के तौर पर कार्यरत है, वह परिवार योजना के लिए पात्र नहीं है।
इसी वजह से सरकारी कर्मचारियों या उनके परिवार के सदस्यों के योजना से जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद विभाग ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की है।
पात्रता के लिए क्या हैं प्रमुख शर्तें?
महतारी वंदन योजना के तहत लाभ पाने के लिए महिला का छत्तीसगढ़ की स्थायी निवासी होना और विवाहित होना जरूरी है। इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाएं भी निर्धारित शर्तों के तहत पात्र हो सकती हैं। आवेदन करने वाले वर्ष की 1 जनवरी को महिला की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा उस परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता होने पर भी योजना का लाभ नहीं दिया जाता।
गलत जानकारी देने पर कार्रवाई का सवाल
मामले में अब यह भी जांच का विषय होगा कि संबंधित हितग्राहियों ने आवेदन के दौरान अपनी रोजगार या पारिवारिक स्थिति की सही जानकारी दी थी या नहीं। यदि जांच में जानबूझकर गलत जानकारी देकर लाभ लेने की पुष्टि होती है, तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।


