CSMCL घोटाला मामले में कोराबारी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अंतरिम जमानत, सुनवाई पूरी होने तक छत्तीसगढ़ से रहना होगा बाहर

रायपुर। शराब घोटाले से जुड़े छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड घोटाला (csmcl-scam) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी अनवर ढेबर को सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि ट्रायल के दौरान अनवर ढेबर छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे। इसके साथ ही उन्हें अपने रहने का पता और मोबाइल नंबर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराना होगा।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रायल के दौरान जब भी अदालत बुलाएगी, अनवर ढेबर को पेश होना होगा। सुनवाई के दौरान अनवर ढेबर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखा, जबकि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने पैरवी की।
क्या है CSMCL भ्रष्टाचार मामला
यह मामला आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, CSMCL में कथित तौर पर एक संगठित तंत्र काम कर रहा था। आरोप है कि मैनपावर सप्लाई एजेंसियों से उनके वैध बिल और बकाया राशि मंजूर कराने के बदले अवैध कमीशन लिया जाता था। यह रकम कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से संबंधित लोगों तक पहुंचाई जाती थी।
जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर एजेंसियों का दावा है कि कई एजेंसियों को भुगतान जारी कराने के लिए कथित रूप से कमीशन देने के लिए मजबूर किया जाता था। इसी मामले में अनवर ढेबर समेत अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज है।


