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छत्तीसगढ़ की इस वक्त की बड़ी खबर: समान नागरिक संहिता से बाहर रहेगा अनुसूचित जनजाति समाज, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कही ये बात

chhattisgarh-tribal-community-exempt-from-ucc:छत्तीसगढ़ में यूसीसी को लेकर विष्णुदेव साय सरकार ने बड़ा फैसला किया है। इसमें राज्य का अनुसूचित जनजाति समाज बाहर रहेगा। डिप्टी सीएम गृह विजय शर्मा ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों को बताया कि सीएम साय ने भी स्पष्ट किया कि ‌एसटी वर्ग इसके दायरे से बाहर होगा।

छत्तीसगढ़ की इस वक्त की बड़ी खबर: समान नागरिक संहिता से बाहर रहेगा अनुसूचित जनजाति समाज, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कही ये बात
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रायपुर। chhattisgarh-tribal-community-exempt-from-ucc: छत्तीसगढ़ में यूसीसी को लेकर विष्णुदेव साय सरकार ने बड़ा फैसला किया है। इसमें राज्य का अनुसूचित जनजाति समाज बाहर रहेगा। डिप्टी सीएम गृह विजय शर्मा ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों को बताया कि सीएम साय ने भी स्पष्ट किया कि ‌एसटी वर्ग इसके दायरे से बाहर होगा। बता दें कि रंजना देसाई कमेटी इस समय 15 अक्टूबर तक जन सामान्य से सुझाव दे रही है।

बता दें कि ​छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों को संविधान के एक समान दायरे में लाने के उद्देश्य से एक विशेष 5-सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह समिति छत्तीसगढ़ में UCC की आवश्यकता, उसकी रूपरेखा तथा व्यक्तिगत सिविल मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों का व्यापक अध्ययन और समीक्षा कर रही है। इस समिति में सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के शत्रुघ्न सिंह और एमके राऊत,वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती ज्योति रानी सिंह सदस्य के रूप में शामिल हैं।

समिति के मुख्य कार्य एवं दायित्व

​यह समिति राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन से जुड़े सभी विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर रही है। इसके प्रमुख दायित्वों में छत्तीसगढ़ की वर्तमान विधिक स्थिति का विश्लेषण करने के साथ-साथ विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने (दत्तक ग्रहण) जैसे संवेदनशील विषयों पर व्यावहारिक सुझाव तैयार करना शामिल है।

इसके अतिरिक्त, समिति अन्य राज्यों में लागू UCC व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी तथा आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों व अभिमतों को भी ड्राफ्ट में शामिल करेगी। इन समस्त अध्ययनों और सुझावों के आधार पर एक समग्र ड्राफ्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करना और आवश्यक विधायी व प्रशासनिक अनुशंसाएं देना समिति का मुख्य उद्देश्य है।

बता दें कि ​UCC लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना था। इसके अलावा गोवा, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किया जा चुका है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ UCC को अपनाने वाला देश का 5वां राज्य बनने जा रहा है।

​सुझाव भेजने के माध्यम

समिति ने शासकीय व गैर-शासकीय संगठनों, सामाजिक समूहों, धार्मिक संस्थाओं, समुदायों और राजनीतिक दलों सहित सभी नागरिकों से 15 अक्टूबर 2026 तक अपने विचार और राय अनिवार्य रूप से जमा करने की अपील की है। नागरिक [email protected], https://ucc.cgstate.gov.in और कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-202, रायपुर, छत्तीसगढ़ - 492001 के पते पर डाक के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं।


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