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chhattisgarh-liquor-scam: 3400 करोड़ के शराब घोटाले में ED ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी

chhattisgarh-liquor-scam: 3400 करोड़ के शराब घोटाले में ED ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी
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chhattisgarh-liquor-scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3400 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। ईडी अब उनसे शराब घोटाले के साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर पूछताछ करेगी।

गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करने की तैयारी में है। ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने रामगोपाल अग्रवाल को ईडी हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। उन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि पेशी के दौरान ईडी मामले से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ के लिए उनकी रिमांड मांगेगी।

chhattisgarh-liquor-scam: शराब घोटाले और कोल लेवी मामले में भूमिका का आरोप

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल पर शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित पैसों को ठिकाने लगाने में भूमिका निभाने का आरोप है। इसी आधार पर उनसे पहले EOW ने पूछताछ की थी। अब ईडी इन मामलों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच आगे बढ़ाएगी।

chhattisgarh-liquor-scam: करीब तीन साल बाद किया था सरेंडर

रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे। उन्होंने 8 जुलाई को रायपुर स्थित EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने 9 जुलाई को उन्हें 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 5 अगस्त तक EOW की कस्टडी में रखा गया।

chhattisgarh-liquor-scam: अब तक की जांच में आगे क्या

छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में जांच एजेंसियां सरकारी शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही हैं। ईडी इस मामले में पहले भी कई लोगों से पूछताछ और कार्रवाई कर चुकी है।

रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। अदालत में होने वाली पेशी के दौरान ईडी की रिमांड याचिका पर फैसला होगा। इसके बाद पूछताछ में मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।


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