Hareli Tihar 2026: मुख्यमंत्री निवास में सजी लोक संस्कृति की जीवंत झांकी,लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुर, देखें लाइव
Hareli Tihar 2026: रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक जीवन, कृषि संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं से जुड़े प्रथम पर्व हरेली का भव्य आयोजन नया रायपुर स्थित सीएम विष्णुदेव साय के अधिकारिक निवासी में उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया।

Hareli Tihar 2026: रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक जीवन, कृषि संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं से जुड़े प्रथम पर्व हरेली का भव्य आयोजन नया रायपुर स्थित सीएम विष्णुदेव साय के अधिकारिक निवासी में उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। आयोजन में छत्तीसगढ़ के गांवों की सोंधी खुशबू, पारंपरिक खेल, लोक कला और खानपान की झलक देखने को मिली।
मुख्यमंत्री निवास परिसर को नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों तथा पारंपरिक ग्रामीण सजावट से आकर्षक रूप दिया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य परिसर तक छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की छाप नजर आई। हरियाली और प्राकृतिक सजावट ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया।
गेड़ी दौड़ ने बांधा समां
हरेली उत्सव में पारंपरिक खेलों का विशेष आकर्षण रहा। गेड़ी दौड़ में प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। वहीं बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक ग्रामीण खेलों ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी का ध्यान खींचा। इन खेलों के जरिए नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति से परिचित कराने का संदेश भी दिया गया।
ठेठरी-खुरमी का लिया स्वाद
आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू भी लोगों को आकर्षित करती रही। ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित विभिन्न स्थानीय पकवानों का लोगों ने स्वाद लिया। इन व्यंजनों ने ग्रामीण अंचलों में मनाए जाने वाले पारिवारिक और पारंपरिक उत्सवों की यादें ताजा कर दीं।
लोकगीत और नृत्य से जीवंत हुआ माहौल
लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। मांदर, ढोलक और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। लोकधुनों पर उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध लोक कला का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
रहचुली बनी खास आकर्षण
कार्यक्रम में रहचुली विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने इसका आनंद लिया। ग्रामीण मेलों और पारंपरिक उत्सवों की पहचान मानी जाने वाली रहचुली ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में गांव के मेले जैसा माहौल बना दिया।
कृषि और प्रकृति से जुड़ा है हरेली
हरेली पर्व मूल रूप से कृषि और प्रकृति से जुड़ा उत्सव है। इस अवसर पर किसान अपने कृषि औजारों की पूजा कर अच्छी फसल, खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम ने हरेली को केवल पर्व के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता, कृषि परंपरा और सांस्कृतिक गौरव के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया।
नया रायपुर में आयोजित इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि छत्तीसगढ़ अपनी आधुनिक विकास यात्रा के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक खेलों, खानपान और ग्रामीण विरासत के संरक्षण को भी महत्व दे रहा है। हरेली महोत्सव ने राजधानी में लोगों को छत्तीसगढ़ की मिट्टी, हरियाली और लोक जीवन से जोड़ने का काम किया।
पर्व हरेली पर मुख्यमंत्री निवास में सजी लोक संस्कृति की जीवंत झांकी LIVE


