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CG Politics : चंदेरी की 59 एकड़ चरागाह जमीन उद्योगों को देने का आरोप, मोहम्मद अकबर बोले- CM के आश्वासन की अनदेखी

बलौदाबाजार के चंदेरी में चरागाह भूमि हस्तांतरण को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए, मोहम्मद अकबर ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।

CG Politics : चंदेरी की 59 एकड़ चरागाह जमीन उद्योगों को देने का आरोप, मोहम्मद अकबर बोले- CM के आश्वासन की अनदेखी
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CG Politics : रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील के ग्राम चंदेरी में चरागाह भूमि को औद्योगिक क्षेत्र के लिए दिए जाने के आरोप को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नकटी के बाद अब चंदेरी की चरागाह जमीन भी उद्योगों के लिए देने की तैयारी की जा रही है।

59 एकड़ चरागाह भूमि को लेकर सवाल

मोहम्मद अकबर के मुताबिक, चंदेरी में करीब 23.93 हेक्टेयर यानी 59 एकड़ चरागाह भूमि को नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए उद्योग विभाग को सौंपे जाने का दावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम मुख्यमंत्री के पूर्व आश्वासन और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की भावना के विपरीत है।

अकबर ने बताया कि 23 फरवरी 2024 को दामाखेड़ा में आयोजित कबीरपंथ के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दामाखेड़ा से 10 किलोमीटर के दायरे में उद्योग नहीं लगाने का आश्वासन दिया था। कांग्रेस नेता का आरोप है कि इसके बावजूद चंदेरी में औद्योगिक गतिविधियों के लिए जमीन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

चार खसरों की जमीन हस्तांतरण का दावा

पूर्व मंत्री ने दावा किया कि चंदेरी के खसरा नंबर 1660, 2206, 2207 और 1743 की जमीन 6 फरवरी 2026 को उद्योग विभाग के आधिपत्य में दी गई है। उन्होंने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 10 मार्च 2011 के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित भूमि को अन्य प्रयोजन के लिए आवंटित नहीं किया जा सकता।

ग्राम पंचायत और ग्राम सभा ने जताया विरोध

अकबर के अनुसार, ग्राम पंचायत ने 20 दिसंबर 2025 को भूमि हस्तांतरण के विरोध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद 30 जुलाई 2026 की ग्राम सभा में भी चरागाह भूमि को औद्योगिक उपयोग में देने का विरोध किया गया।

उन्होंने दावा किया कि स्थानीय विरोध के बावजूद भुइयां पोर्टल पर जमीन उद्योग विभाग के नाम दर्ज कर दी गई है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, यह जमीन आसपास की 8 से 10 ग्राम पंचायतों के मवेशियों के लिए महत्वपूर्ण चरागाह क्षेत्र है।

CM से हस्तक्षेप की मांग

मोहम्मद अकबर ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने राजस्व मंत्री से जमीन के हस्तांतरण और मौजूदा स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में सरकारी पक्ष और भूमि हस्तांतरण से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद तस्वीर और साफ होगी।


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