CG Robbery Case : AI और 1000 CCTV फुटेज ने दिलाई सफलता, 12 लाख की ज्वेलरी लूट का मास्टरमाइंड गैंग गिरफ्तार

CG Robbery Case : बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में ज्वेलर्स से करीब ₹12 लाख की लूट के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय डकैत गिरोह के चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रहने वाले इन आरोपियों के खिलाफ हत्या, डकैती, लूट, आर्म्स एक्ट और चोरी समेत 100 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 26 लाख कीमत की सामग्री बरामद की है। जब्ती में चांदी के जेवर, नकदी, पिस्तौल, देशी कट्टा, 14 जिंदा कारतूस, तलवार, महिंद्रा स्कॉर्पियो, दो मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को दीपक ज्वेलर्स के संचालक बलराम सोनी तरेंगा से रोहरा लौट रहे थे। रोहरा हाईस्कूल के पास दो बाइक पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोककर हमला किया, मोबाइल और स्कूटी की चाबी छीन ली तथा करीब 13 किलो चांदी और 70 ग्राम सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव राय (IPS) के निर्देशन में विशेष जांच दल गठित किया गया। टीम ने तरेंगा से लेकर बिलासपुर और रतनपुर तक के मार्गों पर लगे 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स, डेटा विश्लेषण, साइबर तकनीक और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान और लोकेशन का पता लगाया गया।
वारदात से पहले करते थे रेकी
जांच में सामने आया कि गिरोह किसी भी वारदात से पहले इलाके की कई दिनों तक रेकी करता था। भागने के रास्तों की भी पहले से पहचान कर ली जाती थी। मौका मिलते ही आरोपी हथियारों के बल पर वारदात को अंजाम देते और विरोध करने पर जानलेवा हमला करने से भी नहीं हिचकते थे। घटना के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग रास्तों से फरार हो जाते थे।
पहले भी ज्वेलर्स रहे निशाने पर
पुलिस ने खुलासा किया कि यही गिरोह 4 जुलाई 2022 को रोहरा में महालक्ष्मी ज्वेलर्स और 5 सितंबर 2024 को भाटापारा के आयुष ज्वेलर्स से हुई लूट की वारदात में भी शामिल रहा है।
चार आरोपी गिरफ्तार, 100 से ज्यादा केस दर्ज
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बबलू पाण्डेय उर्फ शत्रुहन (चित्रकूट, उत्तर प्रदेश), जयदीप गुप्ता (रीवा, मध्य प्रदेश), जिआ उल हक (गोंडा, उत्तर प्रदेश) और गंगासागर पाण्डेय (चित्रकूट, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 100 से अधिक गंभीर अपराध दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह अब तक करीब 10 करोड़ से अधिक की लूट, डकैती और चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब गिरोह के अन्य सदस्यों, नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और अन्य राज्यों में हुई वारदातों को लेकर पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।


