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CG News: संविदा कर्मचारियों का तबादला भी वैध, यह सरकार का अधिकार: हाईकोर्ट

CG News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संविदा कर्मचारियों की पदस्थापना और तबादले को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि तबादला और पदस्थापना सरकारी सेवा का अभिन्न हिस्सा हैं।

CG News: संविदा कर्मचारियों का तबादला भी वैध, यह सरकार का अधिकार: हाईकोर्ट
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CG News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संविदा कर्मचारियों की पदस्थापना और तबादले को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि तबादला और पदस्थापना सरकारी सेवा का अभिन्न हिस्सा हैं। किसी कर्मचारी को किस स्थान पर पदस्थ किया जाना है, यह निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी का विशेषाधिकार है और केवल संविदा कर्मचारी होने के आधार पर स्थानांतरण आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती।

CG News: मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बिभुदत्त गुरु की एकलपीठ ने की। स्वास्थ्य विभाग के एक संविदा कर्मचारी ने 6 मई 2026 को जारी अंतर-जिला स्थानांतरण आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि संविदा कर्मचारी होने के कारण उनके तबादले को निरस्त किया जाना चाहिए, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।

CG News: अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि कोई कर्मचारी स्थानांतरण आदेश को चुनौती देता है, तो उसे यह साबित करना होगा कि आदेश दुर्भावनापूर्ण है या नियमों का उल्लंघन करते हुए जारी किया गया है। केवल असंतोष या व्यक्तिगत असुविधा के आधार पर तबादला आदेश रद्द नहीं किया जा सकता।

CG News: हाईकोर्ट ने कहा कि स्थानांतरण और पदस्थापना प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक प्रक्रिया है। यह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र का विषय है और न्यायालय सामान्य परिस्थितियों में इसमें हस्तक्षेप नहीं करता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती करना शासन का अधिकार है।

CG News: अपने निर्णय में अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को यह स्वीकार करना चाहिए कि स्थानांतरण सेवा का स्वाभाविक हिस्सा है। इसलिए केवल संविदा कर्मचारी होने का आधार स्थानांतरण आदेश को अवैध नहीं बनाता।

CG News: संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा की सीमाओं का उल्लेख करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि जब किसी सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया गया हो, तब न्यायालय का हस्तक्षेप सीमित होता है। यदि किसी आदेश में स्पष्ट कानूनी त्रुटि, नियमों का उल्लंघन या दुर्भावनापूर्ण मंशा दिखाई नहीं देती, तो अदालत को प्रशासनिक निर्णयों में हस्तक्षेप से बचना चाहिए।

CG News: मामले में सुनवाई के बाद राज्य सरकार के स्थानांतरण आदेश में किसी प्रकार की अवैधानिकता या प्रक्रिया संबंधी त्रुटि नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए तबादला आदेश को बरकरार रखा।


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