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CG News : संविदाकर्मियों के लिए राहत की खबर, अब बिना सुनवाई नहीं होगी सेवा समाप्त, सरकार ने 2012 के नियमों में किया बड़ा संशोधन

संविदाकर्मी को बिना कारण और बिना सुनवाई अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा।

CG News : संविदाकर्मियों के लिए राहत की खबर, अब बिना सुनवाई नहीं होगी सेवा समाप्त, सरकार ने 2012 के नियमों में किया बड़ा संशोधन
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CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने संविदा कर्मचारियों के हित में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अब उनके अधिकारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की है। राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012” में संशोधन करते हुए यह स्पष्ट किया है कि अब किसी भी संविदाकर्मी को बिना कारण और बिना सुनवाई अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा।

अब अपील और सुनवाई का पूरा अधिकार-

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी संविदा कर्मचारी की सेवा समाप्त की जाती है, तो उसे अब 60 दिनों के भीतर विभागाध्यक्ष के समक्ष अपील करने का अधिकार होगा। अपील सुनने के बाद ही विभाग अंतिम निर्णय ले सकेगा। इस प्रक्रिया के बिना किसी संविदाकर्मी को हटाना अब नियम विरुद्ध माना जाएगा।

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए निर्देश-

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की नियम शाखा ने सभी विभागों, कलेक्टरों, संभाग आयुक्तों और जिला पंचायतों को नए निर्देश भेजे हैं। आदेश में कहा गया है कि संविदा कर्मियों को सेवा से पृथक करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है — यानी नोटिस, जवाब, और अपील की पूरी प्रक्रिया के बाद ही निर्णय लिया जा सकेगा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार की पहल-

यह संशोधन बिलासपुर हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद किया गया है। कोर्ट ने कहा था कि संविदा कर्मचारियों को भी सेवा समाप्ति से पहले “प्राकृतिक न्याय” (Natural Justice) के सिद्धांत के तहत सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए।

पहले के नियमों में नहीं था अपील का प्रावधान-

2012 के पुराने नियमों के अनुसार, विभाग किसी भी संविदाकर्मी को एक महीने की पूर्व सूचना या एक महीने का वेतन देकर नौकरी से हटा सकता था। इसमें अपील या सुनवाई का कोई प्रावधान नहीं था। अब यह संशोधन संविदा प्रणाली को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाएगा।


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