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CG News: पेपर लीक कराया तो जेल,1 करोड़ तक जुर्माना,पीएससी-व्यापमं भर्ती परीक्षा में नकल रोकने विधानसभा सत्र में अधिनियम पेश करने की तैयारी

‘छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा अधिनियम’ लाने जा रही है।

CG News: पेपर लीक कराया तो जेल,1 करोड़ तक जुर्माना,पीएससी-व्यापमं भर्ती परीक्षा में नकल रोकने विधानसभा सत्र में अधिनियम पेश करने की तैयारी
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CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग और व्यावसायिक परीक्षा मंडल में पेपर लीक और नकल रोकने के लिए राज्य सरकार इसी बजट सत्र में ‘छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा अधिनियम’ लाने जा रही है।

बता दें कि बीते कुछ वर्षों में प्रदेश की कई बड़ी भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2022 पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इसी तरह वर्ष 2025 में व्यावसायिक परीक्षा मंडल की पीडब्ल्यूडी भर्ती परीक्षा के दौरान बिलासपुर के एक केंद्र में हाईटेक नकल का मामला सामने आया था।

ऐसे में सरकार का यह कदम नकल, पेपर लीक और परीक्षा में धांधली जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक अधिनियम पेश करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में इसी हफ्ते कहा था कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को रोकने के लिए हम छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा अधिनियम लाने जा रहे हैं।

शैक्षणिक परीक्षाएं दायरे से बाहर-

शैक्षणिक, तकनीकी, व्यावसायिक अथवा अन्य प्रकार की योग्यता प्राप्त करने के लिए आयोजित परीक्षाओं पर यह नया अधिनियम लागू नहीं होगा। इन परीक्षाओं में नकल या अनुचित साधनों के मामलों में छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम अधिनियम, 2008) के प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।

संगठित अपराध व नकल गिरोहों पर नकेल-

परीक्षार्थियों के अलावा परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य व्यक्तियों, एजेंसियों और संस्थानों के लिए भी सख्त दंड तय किया गया है। छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा अधिनियम के तहत परीक्षा से संबंधित सेवा प्रदाता संस्थान, कंपनी, फर्म, संस्थान के द्वारा अपराध किया जाता है तो कड़ी कार्रवाई होगी। संगठित नकल गिरोहों के लिए न्यूनतम 5 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की सजा और एक करोड़ रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बार-बार अपराध करने पर उम्रकैद तक सजा दी जा सकेगी।

नकल करने वाले परीक्षा​र्थी 5 साल तक परीक्षा नहीं दे पाएंगे-

भर्ती परीक्षाओं में नकल करने वाले परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोका जाएगा। 3 से 5 वर्ष तक वे राज्य की किसी भी भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। गंभीर मामलों में 1 से 5 वर्ष की जेल और 5 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। दोबारा दोषी पाए जाने पर सजा 10 वर्ष तक बढ़ सकती है।

कोई भी कोचिंग संस्थान किसी लोक परीक्षा में सफलता की गारंटी देकर युवाओं को प्रवेश के लिए प्रलोभन नहीं दे सकेगा। चयन या सफलता से जुड़ी कोई भी झूठी, भ्रामक या भड़काऊ जानकारी प्रकाशित करना प्रतिबंधित होगा। ऐसे मामलों में संबंधित कोचिंग संस्थान के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने का प्रावधान किया जा रहा है।

इन कृत्यों को माना गया है अपराध-

1.नकल करना या किसी अन्य से नकल करवाना। प्रश्नपत्र लीक करना, प्राप्त करना या लीक की साजिश रचना।
2.परीक्षा कक्ष में शरीर, वस्त्र, फर्नीचर या अन्य किसी वस्तु पर जानबूझकर कोई चिंह, संकेत, शब्द या छाप अंकित करना।
3.ओएमआर शीट, उत्तर पुस्तिका या मूल्यांकन अभिलेखों में छेड़छाड़ करना।
4.फर्जी वेबसाइट बनाना, फर्जी परीक्षा आयोजित करना या नकली प्रवेश/नियुक्ति पत्र जारी करना।
5.परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क या तकनीकी व्यवस्था में अवैध हस्तक्षेप करना।
6.मेरिट, रैंक निर्धारण के लिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ करना।
7.परीक्षा के पूर्व नकली को असली पेपर बताकर आ​र्थिक लाभ के लिए प्रसारित करना।
8.परीक्षा ​तिथियों या पालियों के आवंटन में गड़बड़ी करना।


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