CG News : बस्तर की आध्यात्मिक धारा को राष्ट्रीय पहचान, डॉ. प्रेमा साई जी महाराज राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित
- Rohit banchhor
- 10 Jul, 2026
भारत निर्माण कॉन्क्लेव–2026 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया सम्मानित, सेवा, सनातन और जनजातीय संस्कृति संरक्षण के कार्यों को मिली राष्ट्रीय सराहना
CG News : रायपुर/नई दिल्ली। बस्तर की आध्यात्मिक विरासत, जनजातीय संस्कृति और सामाजिक सेवा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। भारत निर्माण कॉन्क्लेव–2026 में माँ मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर परम पूज्य डॉ. प्रेमा साई जी महाराज को आध्यात्मिक नेतृत्व, लोककल्याण और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने डॉ. प्रेमा साई जी महाराज का सम्मान करते हुए उनके सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में सुरेश चव्हाणके ने भी उनके योगदान को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

वनांचल से राष्ट्रीय मंच तक सेवा का सफर-
डॉ. प्रेमा साई जी महाराज लंबे समय से बस्तर, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के वनांचल क्षेत्रों में सेवा, आध्यात्मिक जागरण और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। बताया गया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में भी उन्होंने समाज के बीच विश्वास, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश पहुंचाने का अभियान चलाया।
घर वापसी अभियान का भी किया उल्लेख-
कार्यक्रम में बताया गया कि उनके मार्गदर्शन में संचालित 'घर वापसी' अभियान के माध्यम से 1025 से अधिक परिवार अपनी पारंपरिक धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से पुनः जुड़े। आयोजकों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ना रहा है।

केंद्रीय मंत्रियों से की शिष्टाचार भेंट-
कॉन्क्लेव के दौरान डॉ. प्रेमा साई जी महाराज ने केंद्रीय मंत्रियों सी. आर. पाटिल, गिरिराज सिंह, प्रतापराव जाधव, राज भूषण चौधरी, बी. एल. वर्मा, सांसद मनोज तिवारी, सुधांशु त्रिवेदी तथा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन से मुलाकात कर माँ मातंगी दिव्य धाम की सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों की जानकारी दी और आगामी धार्मिक आयोजन में आमंत्रित किया।
जनसेवा और सांस्कृतिक संरक्षण पर फोकस-
माँ मातंगी दिव्य धाम के माध्यम से वनवासी क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता, सामाजिक सहयोग, धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इसके अलावा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन और जनजागरण कार्यक्रम भी संस्था की प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं।

