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Share Market: सेंसेक्स 905 अंक उछला, निवेशकों की चांदी, 5 लाख करोड़ की कमाई

Share Market: अमेरिकी फेड के ब्याज दरें स्थिर रखने, LTCG टैक्स में राहत की उम्मीद और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से सेंसेक्स 74,151 पर बंद हुआ।

Share Market: सेंसेक्स 905 अंक उछला, निवेशकों की चांदी, 5 लाख करोड़ की कमाई
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नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच बाजार में लौटी खरीदारी से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 905 अंक से ज्यादा उछलकर एक बार फिर 74 हजार के स्तर के पार पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 238 अंक चढ़ गया। बाजार की इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होने की खबर है।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 905.01 अंक यानी करीब 1.24 फीसदी की बढ़त के साथ 74,151.04 अंक पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 237.90 अंक चढ़कर 22,936.75 अंक पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स में संभावित राहत की उम्मीद जैसे कई कारण रहे।

अमेरिकी फेड के फैसले से बाजार को मिला सहारा

भारतीय शेयर बाजार में तेजी की एक प्रमुख वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला रहा। ब्याज दरों में बदलाव नहीं होने से निवेशकों को राहत मिली और बाजार की धारणा को समर्थन मिला।

फेड की मौद्रिक नीति को लेकर निवेशकों की नजर

महंगाई और आगे ब्याज दरों की दिशा पर बनी हुई है। हालांकि, महंगाई का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन नीतिगत स्थिरता से बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल सकता है।

गिरावट के बाद आकर्षक हुए शेयरों के वैल्यूएशन

पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में आई गिरावट के बाद कई कंपनियों के शेयरों के मूल्यांकन पहले के मुकाबले आकर्षक हुए हैं। ऐसे में निवेशक चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के अवसर तलाश रहे हैं।

बाजार में आई तेजी को इसी खरीदारी से भी समर्थन मिला। हालांकि, आगे बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, कंपनियों के नतीजों, महंगाई और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।

LTCG टैक्स में राहत की उम्मीद से बढ़ा उत्साह

भारतीय शेयर बाजार में तेजी के पीछे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स में संभावित बदलाव की उम्मीद को भी एक वजह माना जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसी महीने कहा था कि LTCG टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर निवेशकों की ओर से सुझाव मिले हैं और इस विषय पर चर्चा हो रही है।

वित्त मंत्री के बयान के बाद निवेशकों के बीच टैक्स में संभावित राहत को लेकर उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, अभी किसी बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यदि टैक्स व्यवस्था में राहत मिलती है, तो इसका असर बाजार में निवेश की धारणा पर भी पड़ सकता है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मजबूती

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी ने भी बाजार को सहारा दिया है। उपलब्ध NSE आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में करीब 872 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।

इससे पहले मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने लगभग 4,198 करोड़ रुपये और शुक्रवार को करीब 2,098 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार में भरोसा लौटने का संकेत हो सकती है, हालांकि उनका निवेश प्रवाह वैश्विक परिस्थितियों के साथ बदल भी सकता है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से इक्विटी को राहत

अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट भी शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5 फीसदी के अहम स्तर से नीचे आ गई। वहीं, 30 साल के बॉन्ड की यील्ड करीब 5.3 फीसदी और दो साल के बॉन्ड की यील्ड 4.69 फीसदी बताई गई।

बॉन्ड यील्ड में कमी आने पर शेयरों जैसे जोखिम वाले निवेश विकल्पों का आकर्षण कुछ बढ़ सकता है। इससे उभरते बाजारों में निवेश प्रवाह को भी समर्थन मिलने की संभावना रहती है।

आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड की नीतियों, महंगाई के आंकड़ों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और LTCG टैक्स को लेकर होने वाले किसी भी आधिकारिक फैसले पर रहेगी।


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