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लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने का मुद्दा, इससे निवेश को मिलेगा बढ़ावा

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लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने का मुद्दा, इससे निवेश को मिलेगा बढ़ावा
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नई दिल्ली/रायपुर: राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में हवाई सेवाओं के विस्तार की मांग को लेकर रायपुर से लोकप्रिय सांसद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में आवाज उठाई। शुक्रवार को शून्य काल के दौरान अपने संबोधन में अग्रवाल ने केंद्र सरकार से इस दिशा में त्वरित कदम उठाने का आग्रह किया।

अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक तेजी से उभरता हुआ राज्य है, जो औद्योगिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से देश में अपनी पहचान बना रहा है। राज्य में भिलाई स्टील प्लांट, बाल्को, जिंदल, हिंडाल्को, एनएमडीसी और एनटीपीसी जैसे बड़े उद्योग मौजूद हैं, जो इसे औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ की 32% आबादी आदिवासी और 12% अनुसूचित जाति समुदाय से है, जो इसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाता है। उन्होंने बताया कि रायपुर हवाई अड्डे से हर महीने 60,000 से 70,000 यात्री देश-विदेश की यात्रा करते हैं और कई अंतरराष्ट्रीय निवेशक राज्य में निवेश के लिए उत्सुक हैं।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कमी के कारण निवेश और पर्यटन की संभावनाएं सीमित हो रही हैं। अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि यदि रायपुर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिले और वहां इमिग्रेशन ऑफिस, एक्साइज ऑफिस, कार्गो टर्मिनल, बेहतर पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों, तो यह छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। उन्होंने यह भी मांग की कि बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर और जगदलपुर जैसे शहरों में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाए, ताकि राज्य के नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

अग्रवाल ने अपने संबोधन में नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अपील की कि रायपुर हवाई अड्डे को शीघ्र अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस किया जाए। उन्होंने कहा, "यह कदम न केवल छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए सुगम हवाई यात्रा सुनिश्चित करेगा, बल्कि राज्य को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की सूची में शामिल करने में भी मदद करेगा।" इस मांग ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया है, और अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।


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