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BJP कार्यकर्ता की हत्या, 20 साल बाद आया फैसला, CM के प्रेस सचिव के भाई समेत 9 दोषी...

वकील ने कहा, "20 साल बाद सूरज को इंसाफ मिला।"

BJP कार्यकर्ता की हत्या, 20 साल बाद आया फैसला, CM के प्रेस सचिव के भाई समेत 9 दोषी...
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Kerala News : कन्नूर। केरल के कन्नूर जिले में 20 साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया गया। थालास्सेरी डिस्ट्रिक्ट सेशन कोर्ट ने 2005 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता एलाम्बिलयी सूरज की निर्मम हत्या के मामले में 9 लोगों को दोषी ठहराया। दोषियों में राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के प्रेस सचिव पीएम मनोज के भाई पीएम मनोराज और टीके राजेश जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। टीके राजेश पहले से ही 2012 के टीपी चंद्रशेखरन हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इस मामले में 12 लोग आरोपी थे, जिनमें से दो की सुनवाई के दौरान मौत हो गई और एक को बरी कर दिया गया। सजा का ऐलान सोमवार को होगा।

Kerala News : अभियोजन पक्ष के अनुसार, सूरज की हत्या के पीछे राजनीतिक दुश्मनी थी। सूरज ने 2003 में CPI(M) छोड़कर BJP जॉइन की थी, जिसके बाद पार्टी ने उसके खिलाफ रंजिश पाल ली। 7 अगस्त 2005 को कन्नूर के मुझाप्पिलंगड़ में सूरज पर घातक हमला हुआ। चार्जशीट में बताया गया कि हमलावरों ने पहले एक देशी बम फोड़ा ताकि इलाके में दहशत फैले और लोग भाग जाएं। इसके बाद सूरज को तलवार और कुल्हाड़ी से काट डाला गया। हमले से एक साल पहले भी उस पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बचा था।

Kerala News : ऑटोरिक्शा से आए थे हमलावर-
चार्जशीट के मुताबिक, 5 अगस्त 2005 को पांच आरोपियों ने सूरज को खत्म करने की साजिश रची। 7 अगस्त को छह आरोपी एक ऑटोरिक्शा में सवार होकर आए, जिसमें से एक आरोपी खुद ड्राइवर था। हमलावरों ने सूरज को घेरा और तलवार व कुल्हाड़ी से उस पर ताबड़तोड़ वार किए। सूरज ने भागने की कोशिश की, लेकिन सड़क पर गिर पड़ा। आरोपी एनवी योगेश ने उसकी गर्दन पर तलवार से हमला किया, जबकि राजेश ने कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर उसकी जान ले ली।

Kerala News : 2012 में खुला राज-
इस मामले की सुनवाई 2010 में शुरू हुई, लेकिन यह लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रही। 2012 में टीपी चंद्रशेखरन हत्याकांड में आरोपी टीके राजेश की गिरफ्तारी के बाद केस में नया मोड़ आया। राजेश ने पूछताछ में सूरज की हत्या में अपनी भूमिका कबूल की। इसके बाद हाई कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने जांच फिर से शुरू की। सूरज की मां की याचिका पर स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर नियुक्त किया गया, जिसके बाद 19 साल की लंबी कानूनी लड़ाई शुक्रवार को दोषियों के खिलाफ फैसले तक पहुंची।

Kerala News : कोर्ट का फैसला-
कोर्ट ने टीके राजेश, पीएम मनोराज, प्रभाकरण मास्टर (CPI(M) के पूर्व लोकल सेक्रेटरी), केवी पद्मनाभन और मनोमबेथ राधाकृष्णन सहित 9 लोगों को दोषी करार दिया। वकील ने कहा, "20 साल बाद सूरज को इंसाफ मिला।"


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