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जनसुनवाई की रेवड़ी बनी भाजपा घरघोड़ा की गले की फांस!

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जनसुनवाई की रेवड़ी बनी भाजपा घरघोड़ा की गले की फांस

जनसुनवाई की रेवड़ी बनी भाजपा घरघोड़ा की गले की फांस!, सन स्टील एंड पावर प्लांट ने नेताओं के नाम से बांटे थे लाखों?

 मंडल के नाम से लाखों गटक गये सफेदपोश स्थानीय जिला के नेता?

गौरीशंकर गुप्ता/ घरघोड़ा: राजनीति यूं ही बदनाम नही है यहां भाई पर भी भरोसा नही किया जाता राजनीति वो दलदल है जहां हर कोई कीचड़ में कमल नही बन सकता। इसलिए यहां भरोसेमंद नेता मिलना मतलब कोयले की खान में कोहिनूर?

यहीं हाल घरघोड़ा मंडल भाजपा का है जो भीतर ही भीतर सूलग रहा है, पार्टी प्रोटोकोल के कारण पदाधिकारी खुलकर बोल नही पा रहे फिर भी अपनी भड़ास चौक चौराहे में निकालते रहते है.प्राप्त जानकारी के अनुसार घरघोड़ा मंडल के दावित्यवान सदस्य दबे स्वर में स्थानीय बड़े नेताओं के खिलाफ नजर आ रहे है? 


लाखों रूपए के लेन देन ने भाजपाई नेता के दामन में दाग लगा दिया है जग जाहिर है सन स्टील एंड पावर प्लांट ने जनसुनवाई के नाम पर पैसों का खुला खेल खेला है जो नेता विरोध प्रदर्शन करने की बात कर रहे थे वह भी अंत में शांत हो गये इसका कारण सबको पता है, नेतानगरी ने प्लांट के दरवाजे तक ही अपना विरोध रखा अंदर से बाहर आने के बाद प्लांट का सबकुछ सही लगने लगा, नेता हो या समाज का चेहरा सबने प्लांट के चक्कर लगा कर प्लांट के पक्ष में मत बना लिया यही तो रेवड़ी की मिठास है? नेता का जितना बड़ा कद उतना ही बड़ा मिठाई जबकि इस कंपनी के जद में नगर पंचायत घरघोड़ा आता है ना ही नगर सरकार को आपत्ति हुआ ना नगर के रखवाले नेताओं को? 


आरोप प्रत्यारोप में स्थानीय भाजपा संगठन में कलह तो मचना था जिन नेता को अबतक यह लग रहा रहा था कि मंडल भाजपा में जो बैठे है वह तो भोले भाले आदिवासी है संगठन के वफादार होने से लेकर हमारे अंडर के लालन पालन में राजनीति करने वाले हमसे बाहर जाने वाले कहां ? वैसे भी भाजपा अनुशासित पार्टी होने का दम भरती है वहीं अनेक बार अनेक विषयों पर कार्यवाही कर यह जताती भी है, पंरतु इसका भेय उन नेताओ को नही होता है जिनके इर्द-गिर्द संगठन संचालित होता है ऐसे ही नेता घरघोड़ा मंडल में देखने को मिलते है जो सफेदपोश में रहकर संगठन के ही दूसरे नेता की कमजोरियों को अपना हथियार बनाने में पीछे नही हटते है। 


जिला भाजपा में घरघोड़ा को राजनीतिक धुरी कहा जाता है यहां के भाजपा नेता खुद को सर्वेसर्वा मानते हुए जिला चलाने की दम भरते है राजधानी को मुट्ठी में रखने की गाहे-बगाह प्रदर्शन करने से बाज नही आते आज इस वजह से घरघोड़ा मंडल अध्यक्ष उपाध्यक्ष महामंत्री जैसे प्रमुख पदाधिकारियों की उपेक्षा का आरोप लगता रहा है, जबकी किसी भी संगठन की आत्मा उसका मंडल ग्राम होता है जहां से कार्यकर्ता सबकुछ छोड़कर पार्टी के लिए कार्य करता है आमजन की आवाज बनता है विश्वास हासिल कर वोट दिलाता है वही उन कार्यकर्ताओं का जब शोषण होता है तब पार्टी में बगावत के सुर सुनाई देती है, आज मंडल भाजपा में भीतर से विवाद की आहट की जानकारी मिल रही है.


 हाल ही में हुए सन स्टील एंड पावर प्लांट बड़ेगुमड़ा घरघोड़ा द्वारा प्लांट विस्तार के लिए किये गए जनसुनवाई के कारण सुनाई दे रही है? बताया जाता है सन स्टील एंड पावर प्लांट द्वारा जनसुनवाई को अपने पक्ष में सफल बनाने के लिए रायगढ़ जिले के सभी पार्टियों के प्रमुख नेताओं को रेवड़ी बांटी थी जिसका असर भी जनसुनवाई में देखने को मिला, इस रेवड़ी की चाह में भाजपा के स्थानीय नेता पदाधिकारी भी बांहे जो रहे थे, इस विषय में स्थानीय मंडल अध्यक्ष के माध्यम से पार्टी का मत प्लांट विस्तार के पक्ष विपक्ष लिया जाये। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार अपना पक्ष रखने के लिए सन स्टील प्लांट के अधिकारियों से मंडल भाजपा के नेताओ ने संपर्क साधा था, जिसके के बाद कंपनी के जिम्मेदार मुलाजिम ने सीधे जिले के नेताओं के पास बैठक कर नेताओ को रेवड़ी देकर मेनेजमेंट करने को कहा, जबकी इस कंपनी के प्रभाव में सिर्फ घरघोड़ा तहसील क्षेत्र आता है? प्रभावित ग्रामीणों को भी इस जनसुनवाई से दुर रखा जाना जनसुनवाई पर प्रशासन की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लगता है, मंडल भाजपा के नेताओ का पर्दे के पीछे से कहना है यह पार्टी रीति-नीति के खिलाफ कार्य है स्थानीय मंडल अध्यक्ष का कमजोर होना या उनके सादगीपूर्ण जीवन के कारण अधिकार का हनन करना गलत है.





जनमत के अनुसार जनसुनवाई का पक्ष या विपक्ष में अपना मत रखना था, यहां लाखों रूपए की रेवड़ी का आरोप मंडल पर लग रहा है वह भी तब जबकी किसी मंडल पदाधिकारी को इसकी भनक तक नही है, स्थानीय जिला भाजपा के नेताओ का कद इतना अभिमानित हो गया कि बिना जानकारी मंडल के नाम से स्वंम जेब भर रहे है? कहा जाता है जनसुनवाई के दो दिन पहले क्षेत्र की भलाई के लिए भाजपा मंडल विरोध करने की योजना बना रही थी जिसके लिए महामंत्री व स्थानीय पधाधिकारी बैठक कर सुचना भी देना प्रारंभ कर दिया था जिसे पार्टी के ही कुछ दिग्गज नेता ने समय का बहना बना कर मामला शांत करा दिया।


बाद में जनसुनवाई के दिन खुद प्लांट के कुछ अधिकारीयों ने बताया की घरघोड़ा ब्लॉक के सभी पार्टियो के पदाधिकारियों के लिए व्यवस्था पहले से कर दिया है, जिनके नाम भी सामने वाले उजागर कर जानकारी दिया? अब इस बात से खपा भाजपा के नेताओं को कुछ सुज नही रहा है, एक तो लाखों रूपए का लेन-देन कर लिया जाता है स्थानीय नेताओ के नाम से और इसकी जानकारी तक इन नेताओ नही होती है, यहीं हाल कांग्रेस का भी है, इस लिए जहां कई हजार घर इस प्लांट से प्रभावित होगें छोटे मोटे कंपनी के खिलाफ हजारों लोग जनसुनवाई में पहुंच जाते है वही जनसुनवाई मात्र आठ सौ लोग ही उपस्थित रहना प्रशासन के लिए विचार करने की आवश्यकता है.