Anant Ambani: 170 किलोमीटर पैदल चलकर द्वारकाधीश पहुंचे अनंत अंबानी, मां नीता हुई भावुक, पत्नी राधिका ने कही ये बात, देखें वीडियो
Anant Ambani: जामनगर/द्वारका। Anant Ambani reached Dwarkadish after walking 170 kilometers: रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी ने अपने सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी द्वारा रविवार

Anant Ambani: जामनगर/द्वारका। Anant Ambani reached Dwarkadish after walking 170 kilometers: रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी ने अपने सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी द्वारा रविवार की सुबह जामनगर से द्वारका तक 170 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी करने पर गर्व और खुशी व्यक्त की।
Anant Ambani reached Dwarkadish after walking 170 kilometers: अनंत 10 अप्रैल में अपने 30वें जन्मदिन से पहले राम नवमी के शुभ अवसर पर द्वारकाधीश मंदिर पहुंचे।यात्रा के अंतिम दिन अनंत के साथ नीता अंबानी और राधिका मर्चेंट भी शामिल हुईं। इस मौके पद उनकी मां ने कहा कि उन्हें अपने सबसे छोटे बेटे पर गर्व है, जिसने द्वारका के द्वारकाधीश मंदिर में अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूरी की।
Anant Ambani reached Dwarkadish after walking 170 kilometers: अनंत की आध्यात्मिक यात्रा पूरी होने पर मीडिया से बात करते हुए नीता अंबानी ने कहा,-"एक मां के तौर पर, अपने सबसे छोटे बेटे अनंत को द्वारकाधीश के इस दिव्य स्थान की पदयात्रा पूरी करते देखना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। पिछले 10 दिनों से अनंत की पदयात्रा में शामिल होने वाले सभी युवा हमारी संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। मैं द्वारकाधीश से केवल यही प्रार्थना करती हूं कि अनंत को शक्ति प्रदान करें।
Anant Ambani reached Dwarkadish after walking 170 kilometers: अनंत की पत्नी राधिका मर्चेंट ने जामनगर से द्वारका तक 170 किलोमीटर की पदयात्रा करने के अपने पति के फैसले के बारे में बताते हुए कहा कि अनंत की इच्छा थी कि वे शादी के बाद पदयात्रा पर जाएं। राधिका ने कहा, "मैं उन सभी का धन्यवाद करती हूं जिन्होंने उनकी पदयात्रा को सफल बनाने के लिए उन्हें आशीर्वाद दिया।"
Anant Ambani reached Dwarkadish after walking 170 kilometers: अनंत ने यात्रा में शामिल लोगों का आभार जताया
अपनी यात्रा के समापन पर बोलते हुए अनंत ने भगवान द्वारकाधीश और रास्ते में उनका साथ देने वाले सभी लोगों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- "देखिए, यह मेरी अपनी आध्यात्मिक यात्रा है। मैंने इसे भगवान का नाम लेकर शुरू किया था और उनका नाम लेकर ही इसे समाप्त करूंगा। मैं भगवान द्वारकाधीश को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं उन लोगों का आभारी हूं जो मेरी आध्यात्मिक यात्रा में मेरे साथ शामिल हुए।


